तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी शुरू हो गई। यह फैसला आज शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू हो गया। इस निर्णय के तहत जो भी जहाज हॉर्मुज से गुजरने की कोशिश करेगा, उसकी जांच की जाएगी। खासतौर पर उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है। ट्रंप ने रविवार को कहा था कि जो जहाज ईरान को गैरकानूनी टोल देंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा। इससे ईरान की आर्थिक ताकत कम की जाएगी।
भारत से कोई टोल नहीं लिया: ईरान
ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ एक और दौर की शांति वार्ता के लिए उनका देश तैयार है, बशर्ते कि वह कोई अवैध मांग न करे और तेहरान की शर्तों पर गौर करे। वहीं, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से अब तक कोई टोल नहीं लिया गया है। ईरान यहाँ से भारतीय जहाजों को सुरक्षित गुज़रने में मदद करेगा।
इलामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच नई वार्ता के एक दिन बाद संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह टिप्पणी की। हालांकि, वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई थी। एक सवाल के जवाब में फताअली ने कहा, “अगर वे (अमेरिका) हमारी शर्तें मान लेते हैं, तो यह संभव है।”
ईरानी राजदूत ने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने वार्ता के दौरान अवैध मांग रखी, जिसके कारण बातचीत बेनतीजा समाप्त हो गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के जल क्षेत्र में स्थित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की धमकी के बारे में पूछे जाने पर, फताअली ने कहा कि वाशिंगटन ईरान की ताकत से अवगत है। पश्चिम एशिया संकट के संदर्भ में समग्र स्थिति पर राजदूत ने कहा कि इस क्षेत्र में ईरान और भारत का साझा भविष्य है।










