नागपुर में राज्य के राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि यह स्थिति राज्य में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इस विषय पर वन विभाग के अधिकारियों, संबंधित विभागों तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत जंगलों में हरित क्षेत्र को बढ़ाने, अनियंत्रित झाड़ियों और अवांछित वनस्पति को हटाने तथा वन्यजीवों, विशेषकर बाघों के सुरक्षित स्थानांतरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस संपूर्ण योजना पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और वन मंत्री को प्रस्तुत की जाएगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रही है और मानव जीवन एवं वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संतुलित नीति अपनाई जा रही है।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राज ठाकरे जैसे नेताओं के वक्तव्यों पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। वहीं ड्रग्स और अवैध गतिविधियों पर सरकार की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न प्रकरणों की जांच विधिवत रूप से की जा रही है और किसी भी मामले में अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने आदिवासी समाज से जुड़ी गलत सूचनाओं और भ्रामक गतिविधियों पर भी कड़ी कार्रवाई की बात कही।
सरकार का उद्देश्य राज्य के सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास करना और सभी समुदायों को न्याय दिलाना है।










