लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। देश की महिलाएं विपक्षी दलों के इस रवैये का जवाब देंगी और आगामी दिनों में कांग्रेस का पतन होने वाला है। भाजपा महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और विपक्षी दलों की विरोधाभास वाली राजनीति को जनता के सामने लाएगी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया, जबकि कई विपक्षी नेता खुद अपनी पार्टी में अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाते हैं। नागपुर में पत्र परिषद में गुजरात भाजपा अध्यक्ष सी.आर. पाटिल ने महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है।
लोकसभा में महिला आरक्षण एवं निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन विधेयक पारित न होने के बाद सत्ताधारी भाजपा काफी आक्रामक हो गई है। मंत्री और पदाधिकारी विधेयक के समर्थन में तथा विपक्ष के विरोध में विभिन्न स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शन कर रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी यह छवि बनाने की कोशिश कर रही है कि महिला विधेयक का विरोध कर सभी महिलाओं का अपमान किया गया है और विपक्ष ने उनके अधिकार और सुख छीन लिए हैं। विपक्ष अपने परिवार के लोगों को टिकट देता है, लेकिन दूसरों को मौका देने को तैयार नहीं है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने विपक्ष की इस विधेयक का विरोध करने के लिए आलोचना की कि ये अन्य महिलाओं को आगे आते हुए नहीं देख रहे हैं। नारी शक्ति वंदन विधेयक के समर्थन में भाजपा देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है।
यहां केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सी.आर. पाटिल ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। उन्होंने महिलाओं को अधिकार दिए और उन पर भरोसा जताया।
2001 की जनगणना के समय, निर्वाचन क्षेत्र का पुनर्गठन 2009 में किया गया था। इसके बावजूद, कांग्रेस और विपक्ष ऐसे व्यवहार कर रहे हैं मानो अगले 8-9 वर्षों तक महिलाओं को मौका ही नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में घोषणा की थी कि भाजपा इसका श्रेय नहीं लेगी। उन्होंने कहा था कि किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा। इसके बावजूद, ये भ्रम फैला रहे हैं। कई पार्टियों ने परिवार की महिलाओं को टिकट दिए, लेकिन जब देश की महिलाओं को अवसर देने की बात आई, तो उन्होंने इसका विरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विधेयक को लागू करने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने इसे पारित नहीं होने दिया और इसका जश्न मनाया। देश की महिलाएं कांग्रेस और विपक्ष को जवाब देंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को सत्ता देने का संकल्प लिया है और इसे पूरा किए बिना नहीं रुकेंगे।
उन्होंने कहा, जब 543 सीटें थीं, तब जनसंख्या 54 करोड़ थी। अब यह 134 करोड़ है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्गठन में सभी राज्यों की सीटों में वृद्धि होगी। उन्होंने इस बात की आलोचना की कि तब भी सिर्फ विरोध के लिए विरोध किया गया। इस अवसर पर सांसद माया इवनाते, विधायक कृष्णा खोपड़े, पूर्व सांसद अजय संचेती, दिव्या धुरडे, संदीप जाधव और अन्य उपस्थित थे।
मोदी महिलाओं को उनका हक दिलाएंगे : दर्शना सिंह
17 अप्रैल एक ऐतिहासिक दिन हो सकता था, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्ष की महिलाओं के चेहरों से खुशी छीन ली गई। इसलिए इसे काला दिन माना जाएगा। भाजपा का प्रयास 2011 की जनसंख्या के आधार पर आरक्षण देना था। कांग्रेस चाहे जितना भी विरोध करे, प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाए बिना नहीं रुकेंगे। सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि महिलाओं को पूरा भरोसा है कि मोदी उनके अधिकारों को दिलाएंगे।






