4 लड़कियों सहित 9 बच्चों को कराया मुक्त
लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। नारायणा बिस्किट फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से खतरनाक परिस्थितियों में काम करवाया जा रहा था। जिसकी भनक लगते ही सोमवार को बूटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा अभियान चलाया गया। बाल संरक्षण दस्ते ने तुरंत छापा मारा और 4 लड़कियों और 5 लड़कों को मुक्त कराया। जांच के दौरान बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कारखाने में नाबालिग बच्चों से भारी और खतरनाक मशीनों पर काम करवाया जा रहा था। रसायनों से भरे खतरनाक वातावरण में काम करने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना थी। यह भी पाया गया कि बच्चों के रहने की जगह बेहद खराब और अस्वच्छ थी। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि राज्य और जिले के बाहर से बच्चों को लाकर उनसे काम करवाया जा रहा है। फैक्ट्री निदेशक और इस मामले में शामिल चार अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई बूटीबोरी पुलिस के सहयोग से की गई है।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान, पुलिस उपनिरीक्षक विट्ठल मोरे, शिकायतकर्ता राकेश भलावी, चाइल्ड लाइन प्रतिनिधि पूजा कांबले, मेघा पाटिल और ग्रामीण सौम्य मुक्ति ट्रस्ट की रूपाली वानखेड़े अश्विनी चौरे की टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। यह खुलासा हुआ कि यह कारखाना श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन कर रहा था। प्रबंधक ने नियुक्ति आदेश जारी किए बिना बच्चों के काम के घंटे तय नहीं किए थे। नाबालिग बच्चों को खतरनाक जगहों पर रखकर उनकी जान जोखिम में डाली जा रही थी। रिहा किए गए बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई बाल कल्याण समिति द्वारा की जाएगी।
कुछ बच्चे हुए लापता
यह भी संदेह है कि छापेमारी के दौरान कुछ बच्चे लापता हो गए, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। बताया जाता है कि ठेकेदार को जैसे ही छापे की खबर का पता चला उसने कुछ बच्चों को पीछे के गेट से बाहर निकाला। जिससे कार्रवाई के दौरान कुछ बच्चे गायब पाए गए।
अन्य कारखानों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि खतरनाक उद्योगों में बाल श्रमिकों को काम पर रखना कानून के तहत एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से बूटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में हलचल मच गई है और अन्य कारखानों में भी जांच अभियान चलाने की मांग उठ रही है।








