चूहे मारने की दवा के जहर से हुई थीं मौतें
लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। कुछ दिन पहले मुंबई के पायधुनी में तरबूज खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। परिवार ने पहले बिरयानी खाई, फिर तरबूज खाया। इसी वजह से यह मामला न सिर्फ महाराष्ट्र में बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। तरबूज और बिरयानी को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे। कुछ लोगों ने तो तरबूज को अपवित्र तक बता दिया था। आखिर एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत कैसे हुई? यह बात सभी के लिए अचंभित थी। अब इस मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि इस परिवार के चार सदस्यों की मौत चूहे मारने की दवा के जहर से हुई थी।
पायधुनी में तरबूज खाने से चार लोगों की मौत के मामले में अब तक का सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है। पता चला है कि चूहे मारने की दवा से चार लोगों की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, इन चारों मृतकों के शवों में जिंक फॉस्फाइड के अंश पाए गए हैं, जो चूहे मारने की दवा में मौजूद होता है। दिलचस्प बात यह है कि इन चारों द्वारा खाए गए तरबूज के नमूने में भी जिंक फॉस्फाइड के अंश मिले हैं। इस मौत के मामले की जांच पिछले 11 दिनों से चल रही थी। अब आखिरकार मौत का सही कारण सामने आ गया है।
डोकाडिया परिवार के चारों सदस्यों ने 26 अप्रैल को तरबूज खाया था। इसके बाद, कुछ ही घंटों के अंतराल में डोकाडिया परिवार के चारों सदस्यों की मौत होने पर सनसनी फैल गई। चारों ने रात में तरबूज खाया था। इसलिए यह अनुमान लगाया गया कि उनकी मौत तरबूज खाने से हुई है। इस घटना में अब्दुल्ला डोकाडिया (44), उनकी पत्नी नसरीन (35), आयशा (16) और जैनब (13) की मौत हो गई।
तरबूज और बिरयानी से डरने की कोई जरूरत नहीं
डोकाडिया परिवार की मौत का कारण सामने आने के बाद तरबूज और बिरयानी से डरने की कोई जरूरत नहीं है। इन्हें खरीदते समय यह जरूर देख लें कि ये साफ-सुथरे हैं या नहीं। साथ ही, घटिया क्वालिटी का तरबूज न खरीदें। कहा जाता है कि तरबूज शरीर के लिए फायदेमंद फल है।








