लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे एक महत्वपूर्ण नाम हैं। मराठी भाषा और मराठी भाषी लोग उनकी राजनीति का केंद्रबिंदु हैं। उनकी सभाओं में हजारों लोग शामिल होते हैं। हालांकि वे विधायक, मंत्री या सांसद नहीं हैं, फिर भी मुंबई स्थित उनका बंगला, शिव तीर्थ, हमेशा लोगों से भरा रहता है। कई बड़े नेता और मंत्री उनसे मिलने आते हैं। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी राज ठाकरे से सद्भावना भेंट कर चुके हैं। इस मुलाकात ने राज्य की राजनीति में कई चर्चाओं को जन्म दिया है। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना के साथ गठबंधन किया था। राज्य की राजनीति में यह एक अभूतपूर्व प्रयोग था। नगरपालिका चुनावों के दौरान, राज ठाकरे ने मराठी भाषा का मुद्दा उठाकर सत्ताधारी पार्टी की आलोचना की थी। वहीं, अब भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने राज ठाकरे से मुलाकात की। इस मुलाकात का सटीक उद्देश्य और इसमें किन राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
लेकिन इस अनोखी मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं छेड़ दी हैं। राज ठाकरे से मुलाकात के बाद बावनकुले ने इस मुलाकात का कारण स्पष्ट किया है। यह एक सद्भावनापूर्ण मुलाकात थी। बावनकुले ने कहा कि इसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। मैं राज ठाकरे से मिलने गया था। मैंने उनसे सद्भावना के तौर पर मुलाकात की। विधानसभा चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद से हमारी दो से चार बार बातचीत हो चुकी है। बावनकुले ने कहा, मैंने उनसे कहा था कि मैं आपसे चाय पर मिलना चाहता हूं। आज राज ठाकरे ने मुझे चाय पर बातचीत के लिए समय दिया। उन्होंने आगे कहा, हमारी मुलाकात सिर्फ सद्भावनापूर्ण थी। हमारे बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। हम सिर्फ दोस्ती के नाते मिले। हमारी मुलाकात बहुत अच्छी रही। उन्होंने मेरा बहुत सम्मान किया। राज ठाकरे के साथ मेरी दोस्ती बरकरार है। मैं उनसे इसी दोस्ती की वजह से मिला।








