लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान को शनिवार तड़के पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई शुक्रवार को बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान को लेकर हुई हिंसा और विवाद के बाद की गई।
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने कहा, “तौकीर रजा को हिरासत में लिया गया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।”
मौलाना ने पुलिस हिरासत से पहले वीडियो बयान जारी कर बरेली में हुई झड़पों के आधिकारिक बयानों का खंडन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें नजरबंद किया गया, जिससे वे अपने समर्थकों को संबोधित नहीं कर पा रहे। वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों को कथित बधाई दी और कहा, “अगर पुलिस का यही रवैया रहा तो मुल्क के हालात बिगड़ने का अंदेशा है।”
बरेली में हिंसा की पृष्ठभूमि
शुक्रवार सुबह नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के समर्थन में भारी भीड़ जमा हुई। जिलाधिकारी अवनीश सिंह और पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार साहनी ने इसे एक “पूर्व नियोजित साजिश” करार दिया।
पुलिस ने बरेली में 500 से अधिक लोगों की पहचान के लिए वीडियो और सीसीटीवी फुटेज का उपयोग किया और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूरे शहर में 8000 से अधिक जवान, पीएसी और अर्धसैनिक बल तैनात किए।
बाराबंकी और मऊ में बढ़ा तनाव
बरेली के विवाद के बाद बाराबंकी और मऊ जिलों में भी तनाव फैल गया। बाराबंकी के फैजुल्लागंज गांव में शुक्रवार रात बैनर हटाने को लेकर झड़प हुई। स्थानीय पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र में भी जुमे की नमाज के बाद जुलूस निकाला गया, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और कार्रवाई कर रही है।
पुलिस और प्रशासन का कदम
पुलिस ने विवाद और उपद्रव को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने आसपास के जिलों के पुलिस प्रमुखों को तुरंत बल भेजने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और स्कूल-कॉलेज सहित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले हैं।









