मुंबई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। यह बयान उन्होंने भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीअर स्टार्मर के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता के बाद दिया।
वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंधों का आधार लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों में विश्वास है। स्टार्मर ने भारत की विकास गाथा को सराहते हुए कहा,
“हम भविष्य पर केंद्रित एक नयी, आधुनिक साझेदारी गढ़ रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देश सैन्य प्रशिक्षण में सहयोग पर एक समझौते पर पहुंच गए हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष और गाजा मुद्दे पर बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करता है।
दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर के साथ ब्रिटेन के 125 प्रमुख व्यापारिक नेताओं, उद्यमियों और शिक्षाविदों का प्रतिनिधिमंडल मुंबई आया।
यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब भारत और ब्रिटेन ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर ढाई महीने पहले हस्ताक्षर किए थे, जो बाजार पहुंच बढ़ाएगा, शुल्क में कटौती करेगा और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई में लंदन यात्रा के दौरान इस समझौते को अंतिम रूप दिया था।
दोनों नेताओं की यह बैठक व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है और इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों में नई ऊर्जा का प्रतीक माना जा रहा है।







