टोक्यो। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री तोमीची मुरायामा का आज 101 साल की उम्र में निधन हो गया। मुरायामा को उनके 1995 के ऐतिहासिक ‘मुरायामा वक्तव्य’ के लिए याद किया जाता है, जिसमें उन्होंने जापान की द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान की आक्रामक नीतियों के शिकार एशियाई देशों और लोगों से माफी मांगी थी।
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख मिज़ुहो फुकुशिमा के अनुसार, मुरायामा का निधन उनके गृहनगर ओइता के अस्पताल में हुआ। मुरायामा 1994 से 1996 तक जापान सोशलिस्ट पार्टी के नेतृत्व में गठबंधन सरकार चला चुके थे।
15 अगस्त, 1995 को, द्वितीय विश्व युद्ध की 50वीं वर्षगांठ पर मुरायामा ने जापान की बिना शर्त आत्मसमर्पण की याद में राष्ट्र के नाम माफी का बयान जारी किया था। इस वक्तव्य को जापान द्वारा अपने युद्धकालीन और औपनिवेशिक अतीत के लिए आधिकारिक पश्चाताप की सबसे महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति माना जाता है।
मुरायामा ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रवादियों के विरोध और युद्धकालीन अपराधों के खंडन के प्रयासों का भी बहादुरी से सामना किया। उनके बयान ने जापान में युद्धकालीन यौन दासता और अन्य मानवाधिकार हननों की वास्तविकताओं को सामने लाने का मार्ग प्रशस्त किया।
उनके निधन पर जापान में राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है और दुनिया भर के कई नेताओं ने अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। मुरायामा का योगदान जापान के इतिहास में ईमानदार पश्चाताप और मानवता के सम्मान के प्रतीक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।









