प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और नेतृत्व की यात्रा पर आधारित नई पुस्तक ‘Modi’s Mission’ शुक्रवार, 24 अक्टूबर को मुंबई में जारी की जाएगी। इस बहुचर्चित पुस्तक का विमोचन महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे। समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी उपस्थित रहेंगे। रूपा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक देशभर में चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक ही नहीं बल्कि वैचारिक और मानवीय पक्ष को भी गहराई से उजागर करती है।
इस पुस्तक के लेखक बर्जिस देसाई एक प्रसिद्ध वकील और लेखक हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के जीवन को एक प्रेरक कथा के रूप में प्रस्तुत किया है। किताब में मोदी के वडनगर के साधारण बचपन से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक के असाधारण सफर का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक ने दिखाया है कि कैसे सीमित संसाधनों और अनगिनत चुनौतियों के बीच नरेंद्र मोदी ने अपने विचारों, संघर्षों और जनसेवा की प्रतिबद्धता के बल पर राष्ट्रीय जागरण के प्रतीक के रूप में उभरकर देश को नई दिशा दी।
‘Modi’s Mission’ में बर्जिस देसाई ने मोदी के शासन के उस मॉडल को समझाने की कोशिश की है जो पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम-उन्मुखता पर आधारित है। उन्होंने अर्थव्यवस्था के औपचारिककरण, अनुच्छेद 370 के निरसन, गरीबों के कल्याणकारी योजनाओं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प जैसे निर्णयों को प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया है। पुस्तक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि मोदी का दृष्टिकोण केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सभ्यतागत चेतना को पुनर्जीवित करने वाला सामाजिक आंदोलन है।
लेखक ने यह भी रेखांकित किया है कि प्रधानमंत्री मोदी के विरोधियों ने किस प्रकार उनके बारे में अनेक भ्रामक कथानक फैलाए, लेकिन मोदी ने अपने कार्य और नीतियों की पारदर्शिता से इन मिथकों को तोड़ दिया। पुस्तक यह दर्शाती है कि कैसे मोदी ने भारत की सामूहिक चेतना को जगाया और देश को आत्मविश्वास तथा नवाचार की नई दिशा दी।
बर्जिस देसाई पहले भी कई चर्चित किताबें लिख चुके हैं, जिनमें पारसी समाज पर आधारित ‘Oh! Those Parsis’ और ‘The Bawaji’ शामिल हैं। वे पत्रकार रह चुके हैं और एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म के मैनेजिंग पार्टनर के रूप में सेवा दे चुके हैं। उनकी लेखनी में तथ्यों की सटीकता और कथ्य की सादगी का सुंदर संतुलन झलकता है।
पुस्तक की प्रशंसा करते हुए उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 21वीं सदी के सबसे नजदीक से देखे जाने वाले नेताओं में से एक हैं। उन्होंने कहा, “यह किताब इस बात की पड़ताल करती है कि कैसे मोदी ने राष्ट्र के प्रति अपने अटूट प्रेम और अथक ऊर्जा से भारत को विश्व पटल पर एक मजबूत स्थान दिलाया है।”
समग्र रूप से कहा जाए तो ‘Modi’s Mission’ केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि एक विचार यात्रा है — एक ऐसे नेता की, जिसने अपने सपनों को नीतियों में और नीतियों को जनआंदोलन में रूपांतरित किया। वडनगर की गलियों से लेकर वैश्विक मंच तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा आज के भारत के आत्मविश्वास और नए युग के निर्माण की कहानी कहती है।









