लखीसराय (बिहार)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बिहार में आयोजित चुनावी सभाओं के दौरान विपक्ष पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां और छठी मैया का अपमान करने वालों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं करेगी। शाह ने दावा किया कि इस बार ‘इंडिया’ गठबंधन का बिहार से सफाया तय है।
शाह ने लखीसराय और मुंगेर जिलों में लगातार दो रैलियों को संबोधित किया। अपने भाषणों में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए ‘छठी मैया’ का अपमान किया है, और यह टिप्पणी बिहार की संस्कृति का अपमान है। शाह के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि “छठ पूजा करने वाले लोग नाटक कर रहे हैं”, जो करोड़ों आस्थावान लोगों का अपमान है।
गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी भारत की संस्कृति से परिचित नहीं हैं क्योंकि उनका ननिहाल इटली में है। उन्होंने कहा, “मुंगेर में सीता माता को ‘छठी माता’ के रूप में पूजा जाता है। लेकिन राहुल गांधी जैसे लोग भारतीय परंपराओं की गहराई नहीं समझ सकते।”
शाह ने कटाक्ष करते हुए जनता से कहा, “ईवीएम पर भाजपा का बटन इतनी जोर से दबाइए कि उसकी गूंज इटली तक सुनाई दे।”
अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह पार्टी हमेशा भारत की परंपराओं और लोक आस्थाओं का मज़ाक उड़ाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को भारत की मिट्टी और संस्कृति से कोई लगाव नहीं है, वे केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और राजद का गठबंधन बिहार को फिर से ‘जंगलराज’ की ओर ले जाने की साजिश कर रहा है। शाह ने कहा, “1992 से 2004 तक लालू-राबड़ी शासन के दौरान बिहार में 32,000 से अधिक अपहरण और 12 बड़े नरसंहार हुए। उस दौर में भय और अराजकता थी, जिसे नीतीश कुमार ने खत्म किया।”
शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को दिया गया हर वोट विकास का वोट होगा। उन्होंने दावा किया कि मोदी और नीतीश कुमार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा, जबकि संप्रग सरकार ने 10 वर्षों में 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले किए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाया, बुनियादी ढांचा मजबूत किया और गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने हर तबके के लिए योजनाएं लागू की हैं — किसानों को सीधी सहायता, महिलाओं को गैस सिलेंडर और गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “संप्रग सरकार के समय आतंकवादी भारत में हमला कर भाग जाते थे, लेकिन अब भारत पाकिस्तान के भीतर जाकर जवाब देता है।”
शाह ने कहा कि बिहार से उन घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा जो गरीबों का अनाज और रोजगार हड़प रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं और बिहार की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
अमित शाह ने इस दौरान कई विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह के नाम पर लखीसराय में दो वर्षों के भीतर एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। साथ ही, सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में 850 करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीता मंदिर बनाया जाएगा, जिसे अयोध्या के राम मंदिर से सीधी ट्रेन सेवा द्वारा जोड़ा जाएगा।
शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार में अब तक 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम किया है। इसमें सड़क, रेलवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और कृषि संबंधी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बरौनी उर्वरक संयंत्र के पुनरुद्धार पर 9,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और मुंगेर के ‘कतरनी चावल’ को जीआई टैग भी मिला है।
अमित शाह ने कहा कि अब तक 8.52 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 87 लाख किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता, 44 लाख परिवारों को घर और 1.17 करोड़ महिलाओं को एलपीजी सिलेंडर मिले हैं।
शाह ने अपने भाषण के अंत में कहा कि राजग ही बिहार की पहचान और विकास की गारंटी है, जबकि ‘इंडिया गठबंधन’ सिर्फ भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति का प्रतीक है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे “फिर एक बार NDA सरकार” का नारा बुलंद करें।









