लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। बिहार में नई सरकार बनाने की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार कैबिनेट में भारतीय जनता पार्टी को ज़्यादा स्थान मिलेगा, जबकि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। एनडीए की बैठक में यह फ़ॉर्मूला तय हुआ, जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। जानकारी के अनुसार, नई सरकार में भाजपा से 15-16 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।
वहीं, जेडीयू के करीब 14 मंत्रियों को कैबिनेट में जगह दी जाएगी। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में हाल ही में हुए दो चरणों के चुनावों में भाजपा 89 सीट, जबकि जेडीयू 85 सीट जीती है। लोक जनशक्ति पार्टी (आर) ने 19 सीटें जीती हैं और उन्हें तीन मंत्री पद मिल सकते हैं। वहीं जीतनराम माँझी की हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) जिसने 5 सीटों में जीत दर्ज की है और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा जिसने 4 सीटें मिली, इन दोनों पार्टियों को एक-एक मंत्री पद मिलने की सम्भावना है। बैठक में यह सिद्धान्त भी तय किया गया कि हर 6 विधायकों पर एक मंत्री पद दिया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 नवंबर को होने की उम्मीद है। एनडीए ने इस चुनाव में कुल 202 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की है और भाजपा लगभग 95% स्ट्राइक रेट के साथ बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और तीन वाम दल शामिल थे वो 35 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। प्रशांत किशोर की जन सुराज ने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। वहीं, एआईएमआईएम को 5 सीटों पर जीत मिली है।विपक्ष ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) पर सवाल उठाए। वहीं, एनडीए ने कहा कि जनता ने उनके काम पर विश्वास जताया है और विपक्ष को नकारात्मक राजनीति के लिए सबक दिया है। भाजपा का दावा है कि बिहार की यह जीत पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले अगले साल के चुनावों में एनडीए के लिए रास्ता आसान करेगी।











