जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक गुरुवार से मध्य प्रदेश के जबलपुर में शुरू हुई।
संघ के सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक संगठन के 101वें वर्ष में प्रवेश के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है — जिनमें देशभर में हिंदू सम्मेलन आयोजित करने की योजना और आगामी शताब्दी वर्ष समारोह की रूपरेखा प्रमुख हैं।
बैठक का उद्घाटन सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने किया। प्रारंभ में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और अभिनेता असरानी सहित हाल ही में दिवंगत हुई विभूतियों को श्रद्धांजलि दी गई।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार, “आरएसएस अपने शताब्दी वर्ष के तहत एक लाख से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य रखता है, ताकि समाज में संगठनात्मक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाया जा सके।”
यह बैठक जबलपुर के कचनार सिटी स्थित विजय नगर क्षेत्र में चल रही है और 1 नवंबर तक जारी रहेगी। इसमें देशभर से 407 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं — जिनमें प्रांत संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और समान विचारधारा वाले संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
संघ परिवार के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे.पी. नड्डा भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
कार्यसूची में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत वर्ष पर आयोजित होने वाले वर्षभर के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी शामिल है। इसके साथ ही, आदिवासी नायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के आयोजन पर भी चर्चा हो रही है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।











