लोकवाहिनी, संवाददाता:मॉस्को। भारत ने मंगलवार को कहा कि विश्व को आतंकवाद के सभी प्रकारों एवं स्वरूपों के प्रति शून्य सहनशीलता प्रदर्शित करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता तथा इसे नजरअंदाज नहीं नहीं किया जा सकता एवं इस पर ‘लीपापोती’ नहीं की जा सकती। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, जैसा कि भारत ने प्रदर्शित किया है, हमें एंजेंडा विकसित करना चाहिए और अपनी कार्य पद्धति में सुधार करना चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा, हम इन उद्देश्यों की प्राप्ति में सकारात्मक एवं पूर्ण योगदान देंगे।
आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है और हम इसका प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि एससीओ को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल होना चाहिए, एक विस्तृत ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में ईरान को एससीओ के नए स्थायी सदस्य का दर्जा दिया गया। उन्होंने कहा, हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि एससीओ की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन बुराइयों से निपटने के लिए की गई थी। बीते वर्षों में ये खतरे और भी गंभीर हो गए हैं। विदेश मंत्री ने कहा, यह आवश्यक है कि विश्व आतंकवाद के सभी प्रकारों और स्वरूपों के प्रति शून्य सहनशीलता प्रदर्शित करे।








