बसों को लगा ब्रेक:अनिश्चितकालीन हड़ताल,परिवहन विभाग का कामकाज ठप
नागपुर:नागपुर महानगर पालिका में ‘आपली बस’ का संचालन कर रही निजी कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को न्यायसंगत वेतन और निर्धारित लाभ का भुगतान नहीं किए जाने का मुद्दा अब गंभीर होता जा रहा है। जिस प्रकार शहर में कचरा संकलन करने वाली कंपनी की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली सामने आई थी, उसी तरह बीते कुछ दिनों से परिवहन विभाग के अंतर्गत संचालित कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी संदेह के बादल गहराए हैं।
हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकां) की ओर से मनपा मुख्यालय पर आंदोलन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया था। कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नागपुर जिला के पदाधिकारी विवेक वानखेडे ने नागपुर महानगरपालिका आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर सिटी बस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की अनेक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। ज्ञापन में पहली मांग सभी कर्मचारियों को 26 दिन की पूर्ण उपस्थिति (उघुटी) देने की की गई है। आर.के. डिपो से स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों का ट्रांसफर रोकने या उन्हें तुरंत दूसरे डिपो में कार्यभार सौंपने की भी मांग की गई है।
चार दिनों के भीतर वाहकों की WT संदर्भित सूची घोषित करने, डीएम जगदीश शिंदे की जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्त करने, तथा चार महीनों से लंबित PL राशि तुरंत जारी करने की मांगें भी शामिल हैं। इसके साथ ही, चालकों सहित अन्य कर्मचारियों को कम दिए गए PL और बोनस की जांच करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अतिरिक्त रूप से, PMI के उपकंत्राटदार हंसा को हटाकर कर्मचारियों को सीधे PMI के पेरोल पर लेने की मांग भी NCP की ओर से की गई है।












