नागपुर, संवाददाता: ब्रह्मोस एयरोस्पेस कंपनी में कार्यरत रह चुके सिस्टम इंजीनियर निशात प्रदीपकुमार अग्रवाल (28) को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और भारत की सुरक्षा, संप्रभुता एवं अखंडता को खतरे में डालने के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने सोमवार को 3 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय न्यायमूर्ति अनिल किल्लोर और प्रवीण पाटिल की खंडपीठ ने दिया।
निशात अग्रवाल उत्तराखंड के हरिद्वार जिला स्थित रूडकी (नेहरू नगर) का निवासी है। वह भारत-रूस के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस के नागपुर प्रोजेक्ट में सिस्टम इंजीनियर के पद पर कार्यरत था और उज्ज्वलनगर के किराये के मकान में रहता था। 3 जून 2024 को सत्र न्यायालय ने उसे आईटी एक्ट की धारा 66-एफ के तहत उम्रकैद,
आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3(1)(सी) के तहत 14 वर्ष सश्रम कारावास, तथा अन्य धाराओं के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और 3,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ अग्रवाल ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसके बाद न्यायालय ने सजा में संशोधन करते हुए उसे 3 वर्ष कारावास की राहत दी। सरकार की ओर से अभियोजक संजय डोडमौड़े और अनूप बदर ने पैरवी की, जबकि अग्रवाल का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील मनोहर ने रखा।
लखनऊ एटीएस को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान से नेहा शर्मा, पूजा राजन नाम से फेसबुक अकाउंट, और सेजल कपूर नाम से लिंक्डइन अकाउंट संचालित किए जा रहे हैं। इन सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के माध्यम से भारत के सुरक्षा विभाग से जुड़े कई कर्मचारियों से संपर्क साधा जा रहा था, जिनमें निशात अग्रवाल भी शामिल थे। एटीएस टीम ने जांच के बाद निशात अग्रवाल को 8 अक्टूबर 2018 को गिरफ्तार किया था।











