नागपुर जिले की 103 वर्षीय गंगाबाई साबाजी सावर को मृत घोषित कर दिया गया था। उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान अचानक मृत शरीर पर उनके पैरों की उंगलियां हिलने लगीं। इस चमत्कार से शोक संतप्त परिवार अवाक रह गया। मौत के मुँह से वापस लौटीं इन दादी की घटना की हर जगह चर्चा हो रही है और यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। उल्लेखनीय है कि उस दिन दादी गंगाबाई सावर का जन्मदिन था और उसी दिन उनके प्राण पखेरू उड़ने की चर्चा व्याप्त हो गई थी, परंतु दादी जैसे ही यमराज को चकमा देकर वापस लौटीं, तो परिसर में जमा सारे नागरिकों ने खुशी-खुशी उनका जन्मदिन मनाया।
पूरा घर मातम में डूबा था, अंतिम संस्कार की तैयारियाँ भी चल रही थीं। तभी मृत शय्या पर लेटी बुजुर्ग महिला के पैरों की उंगलियां हिलने लगीं और सामने खड़े लोग अपनी आँखों पर विश्वास नहीं कर सके। नागपुर जिले की 103 वर्षीय दादी गंगाबाई सावर के अचानक जीवित हो जाने से यह हर जगह चर्चा का विषय बन गई हैं। आँखों में आँसू लिए परिवार के सदस्य शोक में डूबे थे, परंतु माहौल बदलने से वहां मौजूद परिवार के सदस्यों की आँखों में आँसू तो थे, लेकिन चेहरे पर मुस्कान थी।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना नागपुर जिले के रामटेक तहसील के चारगांव में घटी। वहां रहने वाली 103 वर्षीय दादी गंगाबाई सावर ने यमराज को चकमा दिया। गंगाबाई पिछले दो वर्षों से बीमार थीं। अचानक, उनका चलना-फिरना और सांस लेना बंद हो गया, जिससे सभी को लगा कि उनका निधन हो गया है। इस वजह से परिवार शोक में डूबा हुआ था। उनकी मृत्यु की खबर सबको दी गई। परिवार के अन्य सदस्य, रिश्तेदार और परिचित उनके घर पहुँचे। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भावभीनी श्रद्धांजलि भी दे दी।
गंगाबाई के घर पर उनकी अंतिम यात्रा की सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं। जैसे ही उन्होंने सांस रोकी, उनके कानों में रुई डाल दी गई थी। लेकिन जब अंतिम संस्कार की तैयारियाँ चल रही थीं, अचानक दादी गंगाबाई ने अपने पैरों की उंगलियां हिलाईं। पहले तो किसी को यकीन नहीं हुआ, लेकिन उनके पैर फिर से हिलने लगे। सबने गौर से देखा तो रिश्तेदारों को पता चला कि दादी तो जीवित हैं और सभी को सुखद आश्चर्य हुआ। खास बात यह है कि 13 जनवरी को दादी का जन्मदिन होता है। इसलिए अंतिम संस्कार के लिए आए रिश्तेदारों ने गंगाबाई सावर का जन्मदिन ही मना लिया। इस घटना की चर्चा न सिर्फ रामटेक-नागपुर में, बल्कि हर जगह हो रही है।








