नागपुर। इंदोरा बुद्ध विहार के अंतर्गत आने वाला नालंदा गर्ल्स बोर्डिंग अवैध रूप से चलाया जा रहा था। बाल संरक्षण दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यहाँ से 29 नाबालिग लड़कियों को बचाया। टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि छात्रावास में नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज़, आधिकारिक पंजीकरण प्रमाण पत्र और अधीक्षक, सुरक्षा गार्ड आदि की नियुक्ति नहीं थी। साथ ही, बाल गृह में साफ-सफाई और बच्चियों की सुरक्षा का भी अभाव था।
गौरतलब है कि बिना किसी आधिकारिक पंजीकरण के, अन्य राज्यों के बच्चों के साथ-साथ अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चों और दो अनाथ बच्चियों को भी यहाँ भर्ती किया गया था। यह मामला अत्यंत गंभीर होने के कारण, नागपुर बाल कल्याण समिति को तुरंत सूचित किया गया। समिति ने मामले का गंभीर संज्ञान लेते हुए संबंधित संस्था के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। समिति के आदेशानुसार, लड़कियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
संबंधित संगठन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के खिलाफ किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना से शहर में हलचल मच गई है और प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गया है।
यह कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेश्राम के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान और संरक्षण अधिकारी साधना हटवार, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि अनिकेत भिवगड़े, मीनाक्षी धाड़े, पूजा कांबले, मेघा पाटिल, मंगला टेम्भूर्णे, सचिन धोतरकर, रंजीत कुंभार, न्यू विजन फाउंडेशन की प्रियंका होठे, रूपाली वानखेड़े, अश्विनी चौरे, ग्रामीण सौम्या मस्कते की कोमल मेश्राम, पारमिता गजभिये की टीम ने की।











