लोकवाहिनी संवाददाता अमरावती। जिला परिषद के अधीन आने वाले आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र की 52 शालाओं (विद्यालयों) को महिला शिक्षकों के लिए ‘प्रतिकूल’ एवं ‘अतिदुर्गम’ घोषित किया गया है। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजिता महापात्र द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब इन विद्यालयों में महिला शिक्षकों की प्रशासनिक बदली अथवा नई नियुक्ति नहीं की जाएगी।
इस निर्णय के तहत चिखलदरा तालुका की 38 तथा धारणी तालुका की 14 शालाएं शामिल हैं। मेलघाट क्षेत्र की अनेक शालाएं पहाड़ी और वन क्षेत्र में स्थित हैं। कई स्थानों पर विद्यालय तक पहुँचने के लिए दो से तीन घंटे पैदल चलना पड़ता है। रास्ता जंगल और निर्जन क्षेत्रों से होकर गुजरता है। ऐसी परिस्थितियों में महिला शिक्षकों के लिए कार्य करना कठिन माना गया है। पंचायत समिति चिखलदरा और धारणी के बीडीओ (BDO) तथा बीईओ (BEO) द्वारा प्रस्तुत संयुक्त प्रतिवेदन के आधार पर शासन के निर्देशानुसार यह निर्णय लिया गया है।
परिवहन सुविधाओं का अभाव मेलघाट के इन 52 गांवों में परिवहन सुविधाएं अत्यंत सीमित हैं। कई स्थानों पर वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण पैदल यात्रा करनी पड़ती है। इस निर्णय से जिला परिषद में कार्यरत महिला शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है और भविष्य की बदली प्रक्रिया में उन्हें इन दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्ति से छूट मिली है।








