ग्रामीण युवाओं को मिला उद्यमिता और कौशल्य विकास का मार्गदर्शन
बैंक और सरकारी अधिकारीयों ने व्यवसाय और कर्ज विकल्प समझाए
आरएसईटीआय के प्रयासों से ग्रामीण रोजगार और विकास को बढ़ावा
नागपुर शहर में २७ फरवरी को ग्रामीण युवाओं को एकत्रित कर उन्हें कौशल्य विकास और स्वयंरोजगार के अवसरों से अवगत कराने के उद्देश्य से आरएसईटीआय नागपुर ने विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन में भव्य कौशल्य सभा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख मान्यवर उपस्थित हुए, जिन्होंने ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता, वित्तीय अनुशासन और कौशल्य विकास के महत्व पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख मान्यवरों में अंशुजा गराटे (प्रकल्प संचालक, डीआरडीए), अतुल पार्डीकर (उप. झोनल मैनेजर, बैंक ऑफ महाराष्ट्र), श्रीराम भोर (महाव्यवस्थापक, महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक), सुनंदा बजाज (सहाय्यक आयुक्त, जिल्हा कौशल्य विकास विभाग), शेखर गजभिये (डीएमएम), प्रशांत फुलझाले (व्यवस्थापक, एलडीएम कार्यालय) और शाया एंटरप्रायझेस के सह-संस्थापक अक्षय होले, दिव्या लोहकरे (होले) तथा शुभम डाबरे शामिल थे।
मुख्य वक्ताओं ने ग्रामीण युवाओं को सफल उद्यमी बनने के लिए इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया जैसे
स्थानीय मांग के अनुसार व्यवहार्य व्यवसाय अवसरों की पहचान
सही कौशल्य प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्राप्त करना
आर्थिक योजना और वित्तीय अनुशासन बनाए रखना
गुणवत्ता, ग्राहक संतुष्टि और निरंतरता सुनिश्चित करना
विपणन और व्यवसाय विस्तार के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग
सरकारी योजनाओं और संस्थागत वित्तीय सहायता का लाभ
बैंकरों ने युवाओं को कर्ज सुविधाओं का लाभ लेने और व्यवहार्य व्यवसाय प्रस्तावों को समर्थन देने के लिए प्रोत्साहित किया। आरएसईटीआय नागपुर के संचालक वी.बी. दहिकर ने ग्रामीण युवाओं को सक्षम बनाने और उद्यमिता विकास द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने के अपने संगठनात्मक वचन की पुन: पुष्टि की। कौशल्य सभा में ग्रामीण युवाओं और इच्छुक उद्यमियों की भारी भागीदारी देखी गई, जो नागपुर जिले में कौशल्य-आधारित ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।








