शिकायतकर्ता ने उठाए प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल
गोंदिया जिले में सहायक धर्मादाय आयुक्त दिशा पजई को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र शासन के निधि एवं न्याय विभाग द्वारा की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक लकी ड्रॉ के माध्यम से चार पहिया वाहन प्राप्त किया, जो महाराष्ट्र सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन माना गया है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया और तत्पश्चात निलंबन की कार्रवाई की गई।
इस प्रकरण की शिकायत करने वाले यशवंत मानकर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि कोई लोकसेवक किसी संस्था से इस प्रकार पुरस्कार स्वीकार करता है, तो इससे प्रशासन पर जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी पद पर आसीन अधिकारियों को आचार संहिता और सेवा नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए, अन्यथा शासन व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग जाता है।
मामले को लेकर जब संवाददाताओं ने सहायक धर्मादाय आयुक्त दिशा पजई से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्होंने फिलहाल किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि मामले की विस्तृत जांच की प्रक्रिया जारी है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रकरण सामने आने के बाद जिले में प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आम नागरिकों की भी इस मामले पर नजर बनी हुई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि सेवा नियमों के उल्लंघन के मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।








