लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पीढ़ी परिवर्तन पर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश और समाज के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है कि अगली पीढ़ी को समय पर बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएं और जब व्यवस्था ठीक से चलने लगे तो पुरानी पीढ़ी को खुद पीछे हट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों का बदलाव स्वाभाविक और जरूरी है।
नागपुर में आयोजित एक प्रेस परिषद को संबोधित करते हुए गडकरी बोल रहे थे। रविवार को मध्य प्रदेश औद्योगिक महोत्सव के अवसर पर आयोजित एडवांटेज विदर्भ प्रेस परिषद पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग क्षेत्र में अब नई पीढ़ी आगे आ रही है। नई पीढ़ी को हमें सम्मानित करना चाहिए। हालांकि, इस बयान के तुरंत बाद ही उन्होंने विदर्भ में औद्योगिकीकरण, कृषि व्यवसाय, सेवा क्षेत्र, पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसरों आदि के बारे में बात करना शुरू कर दिया।
मध्य प्रदेश औद्योगिक महोत्सव का आयोजन नागपुर में 6 से 8 फरवरी तक किया गया। इस संबंध में जानकारी देने के लिए औद्योगिक विकास संघ द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें उन्होंने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने विदर्भ में उद्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी।
गढ़चिरौली जिले में लौह-अयस्क (Iron Ore) गुणवत्ता के उत्कृष्ट खनिज पाए जाते हैं और इस्पात केंद्र बनाने के शुरुआती प्रयासों पर किसी को भरोसा नहीं था। लेकिन आज इस क्षेत्र में 75 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली ही नहीं, चंद्रपुर, भंडारा, गोंदिया और नागपुर भी इस्पात उद्योग के नए केंद्र बनेंगे। इस्पात उद्योग आने से मैंगनीज और ऊर्जा की मांग में भी वृद्धि होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह एक सफलता की कहानी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि नागपुर स्मार्ट सिटी कार्यालय में कौशल विकास के प्रयास किए जा रहे हैं और इससे रोजगार का सृजन होगा।
सेवा क्षेत्र में पर्यटन का विशेष महत्व है और विदर्भ में पर्यटन के लिए अभयारण्य और बाघ अभयारण्य का बड़ा क्षेत्र है। होटल व्यवसाय के माध्यम से इसमें रोजगार के अवसर मौजूद हैं। इसके अलावा, साहसिक खेलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए अम्भोरा में एक हवाई पट्टी (हवाई जहाज की उड़ान के लिए एक छोटा रनवे) बनाई जाएगी। यहां से हेलीकॉप्टर उड़ान भर सकेंगे। हेलीकॉप्टर से डाइविंग भी की जा सकेगी। अम्भोरा में साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि साहसिक खेलों को बढ़ावा देने से यहां 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, वर्धा मार्ग पर स्थित बर्ड पार्क में भी साहसिक खेलों को प्राथमिकता दी जाएगी और यहां 700 से 800 लोगों को रोजगार मिलेगा, ऐसा उन्होंने दावा किया।
अब नागपुर को ऑरेंज सिटी या टाइगर कैपिटल के नाम से जाना जाता है। लेकिन गडकरी ने बताया कि एक समय नागपुर हथकरघा कपड़ों के लिए प्रसिद्ध था। यहां हथकरघा कपड़ों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध थी। रेशम, सूती कपड़े, साड़ियां, धोती आदि कई प्रकार के कपड़े बुने जाते थे। ये कपड़े अपनी पारंपरिक बुनाई, टिकाऊपन और प्राकृतिक रेशों के लिए जाने जाते थे। नागपुर इस उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने आगे बताया कि अब इस पुरानी पहचान को वापस लाने के लिए धापावाड़ा में एक साड़ी प्रिंटिंग प्लांट शुरू किया गया है, जिससे अगले दो वर्षों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।












