परिजनों ने SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की
जांच जारी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय सरकारी स्कूल में एक दलित छात्रा पर कथित रूप से जातिसूचक टिप्पणी और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि स्कूल के एक शिक्षक ने छात्रा को शौचालय साफ करने का दबाव दिया। जब छात्रा ने मना किया तो शिक्षक ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
परिवार और स्थानीय लोग इस घटना से गहराई से आहत हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र और सामाजिक सोच पर सवाल उठाता है। अगर आरोप सत्य हैं, तो यह सीधे तौर पर संविधान में दिए गए समानता और अधिकार के सिद्धांत का उल्लंघन है।
परिजन और ग्रामीण लोगों ने दोषी शिक्षक के खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत तुरंत कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल शिक्षा और समानता का मंदिर है। ऐसे स्थानों पर भेदभाव की घटनाएं समाज और नयी पीढ़ी के लिए चेतावनी हैं।
अभी जांच चल रही है और सभी पक्षों से जानकारी ली जा रही है। यह मामला न केवल अलीगढ़, बल्कि पूरे प्रदेश में शिक्षा और समानता के अधिकार के महत्व को उजागर करता है।परिजन, शिक्षक और प्रशासन की सक्रियता से ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि शिक्षा स्थल में किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य न हो।








