छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना ठाकरे गुट के नेता अंबादास दानवे ने पत्रकार परिषद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने राजू वैद्य प्रकरण पर कहा कि वैद्य अभी तक उनके संपर्क में थे, लेकिन भाजपा में शामिल होने से पहले उन्होंने उन्हें कोई सूचना नहीं दी। दानवे ने यह भी कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठते हैं।
भाजपा पर हमला करते हुए दानवे ने कहा कि खुद को “पार्टी विद अ डिफरेंस” कहने वाली भाजपा दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं को अपने दल में शामिल कर रही है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि भाजपा का यह कदम राजनीतिक रणनीति के तहत किया जा रहा है और यह अन्य दलों के कार्यकर्ताओं के लिए चिंता का विषय है।
मनपा चुनाव को लेकर दानवे ने कहा कि भाजपा और शिंदे गुट को छोड़कर सभी दलों को साथ लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने पर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि 10 तारीख को उद्धव ठाकरे और 26 तारीख को आदित्य ठाकरे की बड़ी सभा का भी ऐलान किया गया है, जो राजनीतिक हलचलों को और बढ़ाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अंबादास दानवे का यह बयान ठाकरे गुट की संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावों की रणनीति को दर्शाता है। इस बयान से स्पष्ट है कि ठाकरे गुट स्थानीय और राज्य स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है।
इस पत्रकार परिषद में दानवे के बयान ने संभाजीनगर और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है, और आगामी समय में पार्टी की रणनीति पर सभी की नजर बनी रहेगी।









