रायपुर में एक विवादित बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अग्रवाल और सिंधी समाज के महापुरुषों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल पर सिटी कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत अग्रवाल महासभा रायपुर के अध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई।
धर्म और समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, तेलीबांधा इलाके में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान 26 अक्टूबर को बघेल ने महाराजा अग्रसेन और भगवान झूलेलाल सहित अग्रवाल एवं सिंधी समाज के महापुरुषों को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इस घटना को आधार बनाकर भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसके तहत धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से दिए गए बयान को दंडनीय अपराध माना जाता है।
मूर्ति टूटने से भड़का विवाद
रविवार को तेलीबांधा स्थित वीआईपी चौक पर राम मंदिर के पास लगी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटे मिलने के बाद तनाव बढ़ गया।
कांग्रेस सरकार के दौरान स्थापित ये मूर्तियां छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अस्मिता की प्रतीक मानी जाती हैं — हरी साड़ी, हाथ में धान की बाली और हंसिया के साथ ‘मातृशक्ति’ का स्वरूप।
इस घटना के विरोध में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। इसे “छत्तीसगढ़ की पहचान पर हमला” बताया गया।
बघेल के बयान पर बढ़ा विवाद
विरोध प्रदर्शन के दौरान अमित बघेल ने पूछा —
“महाराजा अग्रसेन, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्तियों को क्यों नहीं तोड़ा जाता?”
बघेल के इस बयान को समाज विशेष पर हमला माना गया और आगे जाकर शिकायत में इसे वैमनस्य फैलाने का प्रयास बताया गया।
मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की गिरफ्तारी
पुलिस ने प्रतिमा तोड़ने के आरोप में एक ऐसे संदिग्ध को पकड़ा है जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है।
इसके बावजूद सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का विरोध जारी है।
बघेल बोले — गिरफ्तारी का डर नहीं
बघेल ने कहा —
“मुझे जेल भेज दें या फांसी दे दें… मैं अपनी मिट्टी और अपने लोगों के सम्मान के लिए लड़ता रहूंगा। हम संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं।”
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग “छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों का अपमान करने वालों को सम्मानित करते हैं।”
31 अक्टूबर को रायपुर बंद का आह्वान
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने मूर्ति तोड़े जाने की घटना के विरोध में 31 अक्टूबर को रायपुर बंद की घोषणा की है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीतिक विवाद कहाँ तक जाता है और FIR दर्ज होने के बाद पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।












