लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। हनुमान जन्मोत्सव पर गिट्टीखदान से निकली शोभायात्रा के दौरान अपहृत कर 14 वर्षीय बालक अथर्व नानोरे की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को लेकर उपराजधानी में तीव्र आक्रोश फैला हुआ है। उसके तीनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पिता ने उन हत्यारों को फांसी की सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की है। वहीं अथर्व को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने और उसके हत्यारों को सख्त सजा दिए जाने की मंशा से गिट्टीखदान चौक से शनिवार, 11 अप्रैल को शाम 7 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
अथर्व नानोरे हत्याकांड मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने अपहरण और हत्याकांड का क्राइम सीन रिक्रिएट किया। आरोपियों के साथ घटनाक्रम जानते हुए पुलिस ने चप्पा-चप्पा खंगाला और महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। इस बीच डीसीपी नित्यानंद झा अथर्व के घर पहुंचे। उन्होंने उसके पिता दिलीप नानोरे से बातचीत की और आश्वासन दिया कि हत्यारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस ने जय रामगोपाल यादव (19), केतन उर्फ कुणाल रमेश शाह (22) और आयुष मोहन शाह (19) को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी एसीपी जगताप और एपीआई बोरखेड़े ने अपनी टीम के साथ मामले की जांच की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी झा अथर्व के घर पहुंचे। उन्होंने अथर्व के पिता को बताया कि पुलिस इस मामले में सारे सबूत इकट्ठा करने में जुटी हुई है। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
अथर्व के पिता दिलीप नानोरे ने बताया कि बेटे के लापता होने के बाद से ही सैकड़ों लोग उसे सुरक्षित घर वापस लाने में जुट गए। अथर्व की तलाश के लिए लोगों ने हरसंभव प्रयास किए। इस बीच गिट्टीखदान में रास्ता रोको आंदोलन भी किया गया। इस संबंध में पुलिस ने 37 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस विभाग से अपील है कि आंदोलनकारियों पर दर्ज मामला खारिज किया जाए। लोगों का उद्देश्य केवल अथर्व को सुरक्षित घर वापस लाना था।









