पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव एलायंस’ (‘इंडिया’) गठबंधन के घटक दलों—कांग्रेस, राजद और वामपंथी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद अब चुनावी मैदान में टकराव में बदल चुके हैं। इन मतभेदों के चलते गठबंधन के सहयोगी कम से कम 11 विधानसभा सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
इस बार कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि राजद 143 उम्मीदवार मैदान में उतार चुका है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नौ सीटों, भाकपा (माले) 20 सीटों और भाकपा (मार्क्सवादी) चार सीटों पर चुनावी दावेदारी कर रही है। नरकटियागंज, वैशाली, राजापाकर, रोसड़ा, बछवाड़ा, कहलगांव, बिहारशरीफ, करगहर, गौड़ाबोराम, चैनपुर और सिकंदरा वे विधानसभा क्षेत्र हैं जहां गठबंधन के सहयोगी आमने-सामने हैं। उदाहरण के तौर पर, नरकटियागंज में कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय और राजद के दीपक यादव के बीच सीधी टक्कर है, जबकि वैशाली में कांग्रेस के संजीव सिंह और राजद के अजय कुमार कुशवाहा आमने-सामने हैं। इसी तरह राजापाकर, बछवाड़ा, बिहारशरीफ और गौड़ाबोराम समेत कई सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं।
राजद की बिहार इकाई के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार में सबसे बड़ा दल होने के नाते राजद को सबसे अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का अधिकार है और सहयोगी दलों से अपील की कि वे उन सीटों से अपने उम्मीदवार वापस लें, जहां राजद पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुका है। कांग्रेस के प्रवक्ता असीत तिवारी ने जवाब में कहा कि गठबंधन धर्म का पालन हमेशा किया गया है और स्थिति एक-दो दिनों में सुलझ जाएगी।
इस बीच राजद के नेता तेजस्वी यादव ने भी अपने चुनावी अभियान को गति दी है। उन्होंने घोषणा की कि ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने पर बिहार सरकार में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों और लगभग दो लाख ‘जीविका दीदियों’ को स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि इन महिलाओं को प्रति माह 30,000 रुपये वेतन और 2,000 रुपये अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। इसके अलावा, जिन ‘जीविका दीदियों’ ने ऋण लिया है, उनके ब्याज को माफ कर दिया जाएगा और उन्हें पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने नई योजनाओं का भी ऐलान किया। उनकी घोषणा के अनुसार, ‘माई-बहन योजना’ के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी, ‘बेटी योजना’ के तहत बेटियों को जन्म से लेकर आय अर्जन तक सहायता मिलेगी, और ‘मां योजना’ के तहत मकान, अन्न और आमदनी की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों को अब तक उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है, लेकिन गठबंधन की सरकार आने पर उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा मिलेगा।
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। सीट बंटवारे के विवाद और तेजस्वी यादव के वादों ने राज्य में राजनीतिक लड़ाई को और तीव्र कर दिया है, जबकि जनता के बीच बदलाव की उम्मीद और संविदा कर्मियों व महिलाओं के अधिकारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।









