लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। हमारे मुख्यमंत्री ने कहा था कि जो जीता वही सिकंदर, लेकिन सिकंदर बनने के पीछे का रहस्य आज तक कोई नहीं समझ सका। बिहार चुनाव जीतने वालों को बधाई। लेकिन, वह तेजस्ची यादव की सभा को मिली जबरदस्त प्रतिसाद, वह प्रतिक्रिया वास्तविक थी या एआई-निर्मित, यह अभी पता नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार उनको आती है जिनकी सभाओं में भीड़ होती है, लेकिन सरकार उनकी आई है जिनकी सीटें खाली थी। इस नए लोकतंत्र के गणित समझ से परे है। बिहार में महिलाओं को दिए जाने वाले 10,000 रुपये, एक फैक्टर है। इससे शायद कुछ फर्क पड़ा होगा। लेकिन वहाँ के लोगों की समस्याएँ जल्द बदलतीं नहीं दिख रही हैं। लेकिन अब ठीक है, जो जीता वही सिकंदर, उद्धव ठाकरे ने कहा।
कांग्रेस ने मुंबई नगर निगम चुनाव अपने दम पर लड़ने का फ़ैसला किया है। इस पर बात हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी स्वतंत्र है। मेरी पार्टी स्वतंत्र है। ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है और हमारी पार्टी अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।
भाजपा क्षेत्रीय पार्टी को खत्म करने जा रही है। भाजपा को राष्ट्रगान सिखाया जाना चाहिए। इसमें पंजाब, सिंध, महाराष्ट्र शामिल है। भाजपा इस क्षेत्रीय पहचान को खत्म करने पर उत्तर आई है। अनेकता में एकता है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि उस कता को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड जीत हासिल की है, जिससे राजद-कांग्रेस गठबंधन का लगभग सफाया हो गया है। एनडीए ने 243 में से 202 से ज़्यादा सीटें जीतीं। इससे यह लगभग तय है कि बिहार में एक बार फिर से नीतीश राज आएगा। भाजपा 89 सीटों पर बढ़त हासिल कर शीर्ष पार्टी बन गई है। यह पहली बार है कि भाजपा को बिहार में इतनी बड़ी सफलता मिली है। पिछली बार 43 सीटों पर सिमटी नीतीश कुमार की यूनाइटेड जनता दल ने इस साल 85 सीटों पर जीत हासिल की है। चिराग पासवान की लोक जन शक्ति पार्टी ने भी 29 में से 19 सीटों पर जीत हासिल की है।











