महाराष्ट्र में निकाय चुनाव नजदीक हैं और इसी बीच कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का दावा है कि यदि भाजपा मुंबई की सत्ता संभालती है तो शहर की सुरक्षा और सद्भाव खतरे में पड़ जाएगा।
दिवाली में ‘नफरत का जहर’?
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि दिवाली की मिठास के बीच भाजपा नफरत फैलाने की साजिश कर रही है।
उनके अनुसार, शहर को सांप्रदायिक आधार पर बांटकर बीएमसी की कुर्सी कब्जाने की तैयारी की जा रही है।
“भाजपा का मकसद सिर्फ लूट”
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ बीएमसी की संपत्ति लूटना और जनता को बांटना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में मुंबई असुरक्षित हो जाएगी।
ध्रुवीकरण की राजनीति दोहराई जा रही: सावंत
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने याद दिलाया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा ने ध्रुवीकरण की रणनीति अपनाई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हिंदू जन आक्रोश मोर्चा’ जैसे कार्यक्रम और ‘एक है तो सेफ है, बटोगे तो कटोगे’ जैसे नारे इसी एजेंडे का हिस्सा थे।
सावंत के अनुसार, अब बीएमसी चुनाव में भी वही दोहराव दिख रहा है।
“यह चुनाव असली मुद्दों पर हो”
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव का फोकस होना चाहिए:
- जलभराव व नालों की सफाई
- अस्पताल और स्कूलों की हालत
- गड्ढों से भरी सड़कें
- महिलाओं के लिए सुरक्षित शौचालय
- कचरा प्रबंधन
- ठेकेदार भ्रष्टाचार और बिल्डर-नेता गठजोड़
- बीएमसी की गिरती वित्तीय स्थिति
लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इन मुद्दों से ध्यान भटकाकर समाज को बांटने में लगी है।
31 जनवरी तक होंगे चुनाव
सुप्रीम कोर्ट पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग को बीएमसी सहित सभी स्थानीय निकायों के चुनाव 31 जनवरी तक कराने का आदेश दे चुका है।
मुंबई अब तय करेगी — विकास बनाम विभाजन की राजनीति में किसके साथ जाए।










