मुंबई। बजट 2026-27 के दिन रविवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आने से निवेशकों के करीब 9.40 लाख करोड़ रुपये डूब गए। वायदा एवं विकल्प सौदों (F&O) पर लगने वाले प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) को बढ़ाने की बजट घोषणा शेयर बाजार को रास नहीं आई और यह कुछ ही देर में 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत तक लुढ़क गया।
हालांकि, बीएसई (BSE) का मानक सूचकांक सेंसेक्स थोड़े सुधार के साथ कारोबार के अंत में 1,546.84 अंक यानी 1.88 प्रतिशत के नुकसान के साथ 80,722.94 अंक पर बंद हुआ। इस बड़ी गिरावट के चलते बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 9,40,581.75 करोड़ रुपये घटकर 4,50,61,658.60 करोड़ रुपये (4.90 लाख करोड़ डॉलर) रह गया। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,375 शेयरों में गिरावट का रुख रहा, जबकि 1,759 शेयरों में तेजी रही और 175 अन्य अपरिवर्तित रहे।
इससे पहले 1 फरवरी, 2020 को बजट के दिन सेंसेक्स में 987.96 अंक यानी 2.42 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इस बजट वाले दिन शेयर बाजार में यह 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट है।
सुबह शेयर बाजार की शुरुआत हुई थी और बजट भाषण के दौरान भी सेंसेक्स और निफ्टी ने रफ्तार पकड़ी थी, ऐसा लग रहा था कि बाजार में लगातार रौनक बनी रहेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एसटीटी (STT) पर टैक्स बढ़ाने की बात कही और बायबैक पर टैक्स में इजाफा किया, उसके बाद तो शेयर बाजार का रंग ही उड़ गया और निवेशकों को भारी-भरकम नुकसान हो गया।












