लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। गुजरात के बाद अब मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का काम महाराष्ट्र में भी तेजी से पूरा हो रहा है। मंगलवार को पालघर में बुलेट ट्रेन की दूसरी टनल का ‘ब्रेक-थ्रू’ (सुरंग की टीबीएम से खुदाई) हुआ। पहली टनल का ब्रेक-थ्रू पिछले महीने की 2 तारीख को मिला था। पालघर जिले में सबसे लंबी सुरंगों में से एक, लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी पर्वतीय सुरंग- MT-5, विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है।
MT-5 सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से अत्याधुनिक ड्रिल और ब्लास्ट विधि (NATM) से 18 महीनों में पूरी की गई। इस विधि से खुदाई में जमीन की वास्तविक समय (Real-time) में निगरानी हो सकती है और वास्तविक स्थल स्थिति के आधार पर शॉट्रीट, रॉक बोल्ट और लैटिस गर्डर जैसी सहायक प्रणालियां प्रयुक्त की जा सकती हैं। सुरंग निर्माण के दौरान, वायु-संचार, अग्नि सुरक्षा उपाय और उचित प्रवेश व निकास व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन किया गया।
इससे पहले, ठाणे और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के बीच लगभग 5 किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग का निर्माण सितंबर 2025 में पूरा हुआ था। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना कुल 508 किलोमीटर लंबी है, जिसमें सुरंगों की कुल लंबाई 27.4 किलोमीटर है। इनमें से 21 किलोमीटर भूमिगत सुरंगें और 6.4 किलोमीटर सतही सुरंगें हैं। परियोजना में आठ पर्वतीय सुरंगें भी शामिल हैं, जिनमें कुल 6.05 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली सात सुरंगें महाराष्ट्र में हैं। बुलेट परियोजना में 350 मीटर लंबी एक सुरंग गुजरात में स्थित है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन से रोजगार सृजित हो रहे हैं और इसके परिचालन के दौरान आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होंगे। रेल मंत्री ने कहा कि परियोजना पूरी होने पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय घटकर केवल 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा। इससे दो प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों की अर्थव्यवस्थाओं में सीधा संपर्क स्थापित होगा और वे एकीकृत हो जाएंगी। वैष्णव ने कहा कि परियोजना कॉरिडोर से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, ज्ञान आदान-प्रदान और नए औद्योगिक व आईटी केंद्र विकसित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ के साथ ही मध्यम वर्ग की आरामदायक और सस्ती दर पर यात्रा की आकांक्षाएं पूरी होंगी।
रेल मंत्री ने बल देकर कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद, सड़क परिवहन की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 95 प्रतिशत की कमी आएगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र में सात पर्वतीय सुरंगों पर काम चल रहा है।
820 मीटर लंबी MT-1 का 15 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जबकि MT-2 पर आरंभिक कार्य चल रहा है।
1,403 मीटर लंबी MT-3 का 35.5 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है और 1,260 मीटर लंबी MT-4 के निर्माण का 31 प्रतिशत काम पूर्ण हुआ है।
इन सभी पर्वतीय सुरंगों में सबसे लंबी 1,480 मीटर (लगभग डेढ़ किलोमीटर) लंबी MT-5 में 2 जनवरी 2026 को दोनों सिरों से खुदाई द्वारा 55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा करने में सफलता मिली है।
साथ ही 454 मीटर लंबी MT-6 का 35 प्रतिशत और 417 मीटर लंबी MT-7 का 28 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हुआ है।
इस तरह महाराष्ट्र में कुल लगभग 6 किलोमीटर लंबाई में पर्वतीय सुरंगों का निर्माण हुआ है।












