भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर 27
देश में चीतों की कुल संख्या पहुंची 38
प्रोजेक्ट चीता की सफलता की ओर एक और मजबूत कदम
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक और बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। तीन साल पहले साउथ अफ्रीका से आए चीतों के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर अब सफलता की नई कहानी लिख रहा है। कूनो में जश्न का माहौल है, क्योंकि साउथ अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी दूसरी बार मां बनी है। गामिनी ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है।इन तीन नए मेहमानों के साथ भारत में जन्मे चीतों के शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि देश में चीतों की कुल संख्या अब 38 तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि भारत के महत्वाकांक्षी संरक्षण अभियान प्रोजेक्ट चीता की मजबूत होती नींव का प्रमाण है।
गौरतलब है कि दशकों बाद भारत में चीतों की वापसी का सपना साकार करने के लिए इस परियोजना की शुरुआत की गई थी। साउथ अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए चीतों को कूनो के प्राकृतिक वातावरण में बसाया गया, जहां विशेषज्ञों और फील्ड स्टाफ की चौबीसों घंटे निगरानी और देखभाल जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर नया जन्म इस मिशन को और मजबूती दे रहा है। गामिनी और उसके तीनों नन्हे ‘स्प्रिंटर्स’ फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है।कूनो और पूरे देश के लिए यह गर्व का क्षण है। भारत में चीतों की ऐतिहासिक वापसी अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि साकार होती हकीकत बन चुकी है।











