लोकवाहिनी, संवाददाता: मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर से गरमा गई है। नवी मुंबई में सिडको की 4500 करोड़ रुपए की जमीन के कथित घोटाले ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आरोपों की सीधी आँच सामाजिक न्याय मंत्री और एकनाथ शिंदे के करीबी संजय शिरसाट तक पहुँचने के बाद अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाई-लेवल जाँच समिति के गठन का ऐलान कर दिया है।
शीतकालीन सत्र से पहले उठाया गया यह कदम राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। आरोप है कि मंत्री संजय शिरसाट पर सिडको चेयरमैन रहते हुए 61000 वर्गमीटर प्राइम जमीन अवैध रूप से आवंटित किया था। ये आरोप एनसीपी नेता रोहित पवार ने लगाया था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 4500 करोड़ बताई जा रही है। इस जमीन का लाभार्थी यशवंत बिबलकर परिवार है।
मामला सुप्रीम में लंबित था, कोर्ट ने जमीन पर रोक लगाई थी। पहले कई बार फाइल खारिज हो चुकी थी। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने जाँच कमेटी बिठाए जाने के बाद एक्स पर पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने लिखा है, नवी मुंबई के कथित 5000 करोड़ रुपए के सिडको जमीन घोटाले में आखिरकार सरकार को जाँच समिति गठित करनी पड़ी। सरकार का यह कदम बिल्कुल देर आए, दुरुस्त आए जैसा ही माना जा रहा है। उन्होंने आगे लिखा, दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा था कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करेगी, तो हमें करनी पड़ेगी। (पेज 6 पर)









