कहा- शिवसेना को महिलाए, युवा सहित सभी का मिल रहा समर्थन
लोकवाहिनी, संवाददाता-नागपुर। निकाय चुनाव के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लगातार विदर्भ में प्रचार कर रहे हैं। बुधवार को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान नागरिकों में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वह बेहद अद्भुत है। महिला, युवा और पुरुष सभी का जोरदार समर्थन मिल रहा है। शिंदे ने बताया कि विकास के मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ा जा रहा है और निकाय चुनाव में ‘लाड़ली बहनों’ को भी पूरा समर्थन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, मैं कल से विदर्भ में कैम्पन कर रहा हूँ, शैलियों में गया हूँ, खासकर लाड़ली बहनों में बहुत जोश है। सभाओं में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक की मौजूदगी अपने आप दिखी, इससे मैंने लोकल लेवल पर मेयर पद के लिए शिवसेना कैंडिडेट्स के पीछे खड़े लोगों की तादाद देखी है और डेव्हलपमेंट का मुद्दा हमारा है।
उन्होंने आगे कहा, जब मैं चीफ मिनिस्टर था तब भी हमने डेव्हलपमेंट के लिए पैसे दिए, जहाँ हमारा मेयर नहीं था, वहाँ भी, तो डेव्हलपमेंट के मुद्दे पर हमने पानी, सीवरेज, मैदान, पार्क, हेल्थ सिस्टम के लिए पैसे दिए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर हर म्युनिसिपलिटी को एक करोड़ दिए गए।
लाड़ली बहन स्कीम बंद नहीं होगी
लाड़ली बहनों के समर्थन में उपमुख्यमंत्री ने कहा, लाड़ली बहन स्कीम तब शुरू हुई थी जब मैं चीफ मिनिस्टर था, इसे हमारी टीम ने शुरू किया था जो महायुति सरकार ने शुरू की थी, मैं चीफ मिनिस्टर था और दोनों डिप्टी चीफ मिनिस्टर थे, हमने इसे एक टीम के तौर पर शुरू किया था। मुझे यह भी पता है कि लाड़ली बहनों को कितनी मुश्किलों का सामना पड़ा, लेकिन हमने एक बार लाड़ली बहन स्कीम शुरू करने और लागू करने का फैसला किया। कोई कितना भी कहे, लाड़ली बहन स्कीम बंद नहीं होगी।
छोटे शहरों को मिलेगा बड़ी निधि
मंत्री गुलाबराव पाटिल के बयान पर उपमुख्यमंत्री ने कहा, इन नगर पंचायत नगर पालिकाओं के डेव्हलपमेंट के लिए अर्बन डेव्हलपमेंट डिपार्टमेंट जिम्मेदार डिपार्टमेंट है। इन छोटे शहरों को डेव्हलपमेंट नगर पालिका के जरिए होता है, ये अर्बन डेव्हलपमेंट डिपार्टमेंट के अंदर आते हैं और उसी के जरिए छोटे शहरों का डेव्हलपमेंट होना चाहिए। उनका डेव्हलपमेंट होना चाहिए, हम इस बात को बहुत ध्यान से देख रहे हैं, बड़े शहरों का डेव्हलपमेंट होता है लेकिन छोटे शहरों का डेव्हलपमेंट फंड की कमी की वजह से नहीं हो पाता, मतलब उन्हें भी बहुत ज्यादा फंड दिया गया है।









