लोकवाहिनी, संवाददाता नांदेड। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत केवल किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और धर्म की रक्षा के लिए थी, जो सदा स्मरणीय और प्रेरणास्रोत रहेगी। ‘हिंद-दी-चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी गुरुपर्व समागम के अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की महान शहादत को नमन किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शहीदी समागम में सहभागी होने हेतु नांदेड पहुंचे थे। समागम के उपरांत उन्होंने तख्त सचखंड श्री हजूर अबचल नगर साहिब में संगत के साथ हाजिरी भरते हुए मत्था टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, ओबीसी कल्याण एवं नांदेड के पालक मंत्री अतुल सावे, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, सांसद अशोक चव्हाण, सहकार मंत्री बाबासाहब पाटिल सहित अनेक मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गुरुद्वारा बोर्ड के प्रशासक डॉ. विजय सतबीर सिंह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों तथा अन्य अतिथियों का गुरुद्वारा बोर्ड की ओर से मर्यादापूर्वक सम्मान किया गया। इस अवसर पर सांसद डॉ. अजीत गोपछड़े, विधायक तुषार राठौड़, राजेश पवार, बालाजी कल्याणकर और प्रतापराव पाटिल चिखलीकर सहित कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
गुरु गोविंद सिंह जी हवाई अड्डे पर उनके आगमन पर अधिकारियों ने स्वागत किया। मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में मुख्यमंत्री ने नांदेड की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह धरती दसवें पातशाह श्री गुरु गोविंद सिंह जी की पावन स्मृतियों से जुड़ी हुई है और यहाँ ‘हिंद-दी-चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी गुरुपर्व का आयोजन संगत के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शहादत मानवता, सहिष्णुता और धार्मिक स्वतंत्रता का शाश्वत संदेश देती है, जिसे स्मरण करने हेतु यह शहीदी समागम आयोजित किया गया है।












