13 दोषियों को पुलिस ने जेल भेजा
उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले में 16 साल पहले प्रधानी चुनाव की रंजिश में हुई नफीस की हत्या के मामले में फतेहपुर की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। यह मामला 2010 के आसपास का है, जब स्थानीय पंचायत चुनाव की रंजिश ने खूनी रूप ले लिया था। नफीस को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
लंबी सुनवाई और गवाहों के बयानों के बाद अदालत ने कुल 18 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, सुनवाई के दौरान 5 दोषियों की मौत हो चुकी थी। कोर्ट के फैसले के बाद बचे हुए 13 दोषियों—मजहर हैदर नकवी, शाहिद रजा, सिकंदर, सीमाब नकवी, मोबीन, अमीन, ग्ययूर मोईन जैदी, असगर, रूकनुरउद्दीन, तेग अली, सगीर, चंद्रभूषण और रमेश चंद्र—को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया।
इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। 16 साल तक चली इस लंबी कानूनी लड़ाई में आखिरकार इंसाफ मिला है। इलाके में इस फैसले को न्याय की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है और लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं। फतेहपुर की अदालत ने इस निर्णय के साथ यह संदेश भी दिया है कि न्याय लंबी अवधि में भी मिल सकता है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।








