नाशिक से भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने अपने हालिया बयान में स्पष्ट किया कि उनका किसी के साथ विरोध नहीं है और पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की भूमिका हर स्थिति में अहम है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रक्रियाओं और चुनावी संकेतों के दौरान सभी स्तरों के कार्यकर्ताओं और पुराने नेताओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण होता है।
देवयानी फरांदे ने यह भी बताया कि हाल ही में कुछ चुनावी संकेत मिले थे, लेकिन उन्हें संबंधित प्रवेश और प्रक्रियाओं की जानकारी समय पर नहीं दी गई। इस बारे में उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को सही समय पर जानकारी देना पार्टी के लिए लाभकारी होगा।
साथ ही, उन्होंने पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बलिदान और मेहनत पर भी चिंता जताई। उनका मानना है कि राजनीतिक संगठन में वरिष्ठ नेताओं और अनुभवी कार्यकर्ताओं के अनुभव और योगदान को हमेशा महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि पार्टी को अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए सभी स्तरों के कार्यकर्ताओं की भूमिका को बढ़ावा देना चाहिए।
विश्लेषकों का मानना है कि देवयानी फरांदे का यह बयान भाजपा के आंतरिक संवाद और संगठनात्मक संतुलन पर प्रकाश डालता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी न केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान दे रही है, बल्कि पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के योगदान को भी महत्व दे रही है।









