पथनमथिट्टा (केरल)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सबरीमला ले जा रहे हेलीकॉप्टर के पहिए बुधवार सुबह प्रमदम स्थित राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम में उतरते समय कंक्रीट के नवनिर्मित हेलीपैड में फंस गए। घटना के तुरंत बाद टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों में पुलिसकर्मी और अग्निशमन बल के जवान हेलीकॉप्टर के पहियों को छोटे-छोटे गड्ढों से धक्का देकर बाहर निकालते नजर आए।
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हेलीपैड अंतिम समय में तैयार किया गया था, क्योंकि शुरू में हेलीकॉप्टर को पंबा के समीप निलक्कल में उतारने की योजना बनाई गई थी। लेकिन खराब मौसम के कारण लैंडिंग को प्रमदम में शिफ्ट किया गया। अधिकारी ने कहा कि हेलीपैड पर कंक्रीट पूरी तरह से जम नहीं पाया था, इसलिए हेलीकॉप्टर के वजन से वहां गड्ढे बन गए।
भारतीय वायुसेना ने मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। यह घटना सुरक्षा-संबंधी एहतियात के चलते हुई। बताया गया कि पहले तय किया गया हेलीपैड कीचड़ भरे इलाके में था, जिससे लैंडिंग सुरक्षित नहीं मानी गई। इसके बाद तुरंत वैकल्पिक स्थान तैयार किया गया, जहां राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उतारा गया।
राष्ट्रपति मुर्मू के लिए इस्तेमाल किया गया हेलीकॉप्टर Mi-17 V5 मॉडल है, जो भारतीय वायुसेना का सबसे भरोसेमंद वीवीआईपी हेलीकॉप्टर माना जाता है। यह हेलीकॉप्टर डुअल इंजन, एडवांस नेविगेशन सिस्टम और ऑटो-पायलट क्षमताओं से लैस है। हर वीवीआईपी मूवमेंट से पहले इसकी विस्तृत जांच और तैयारी की जाती है।
राष्ट्रपति मुर्मू केरल के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। वे मंगलवार शाम को तिरुवनंतपुरम पहुंचीं और बुधवार सुबह पथनमथिट्टा जिले के लिए रवाना हुईं। वहां से वे सड़क मार्ग से पंबा जा रही हैं, जो सबरीमला मंदिर की तलहटी में स्थित है। हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद राष्ट्रपति को सुरक्षा घेरे में रखते हुए वैकल्पिक स्थल पर शिफ्ट किया गया, ताकि प्रोटोकॉल और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिनमें हेलीकॉप्टर के पहिए गड्ढों में फंसे दिख रहे थे। वायुसेना के अनुसार, यह पूरी घटना केवल हेलीपैड के अस्थायी निर्माण और सुरक्षा कारणों से हुई और राष्ट्रपति की सुरक्षा को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं था।









