नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष त्योहारों की रौनक पहले से ज्यादा बढ़ गई है। इसका श्रेय उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और माओवादी समस्या के उन्मूलन के लिए उठाए गए कदमों को दिया।
मोदी ने अपने मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण में कहा, “छठ पूजा भक्ति, स्नेह और परंपरा का संगम है और यह भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है। छठ घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है। यह दृश्य देश की एकता और भाईचारे का परिचायक है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार देश की उपलब्धियों और सुरक्षा उपायों से त्योहारों में और अधिक खुशी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने माओवादी आतंक प्रभावित इलाकों में भी खुशियों के दीप जलाए। मोदी ने कहा, “लोगों ने उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते थे, जिसने उनके बच्चों का भविष्य संकट में डाल दिया था। अब वहां के नागरिक खुले मन से त्योहार मना रहे हैं।”
मोदी ने अपने संबोधन में कोमरम भीम की वीरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भीम ने हैदराबाद के निजाम के अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और किसानों की फसलें जब्त करने के लिए भेजे गए अधिकारी को मौत के घाट उतारा। प्रधानमंत्री ने कहा, “कोमरम भीम ने गिरफ्तारी से बचते हुए असम तक की यात्रा पूरी की। उनकी उम्र भले ही केवल 40 वर्ष रही, लेकिन उन्होंने आदिवासी समाज में अमिट छाप छोड़ी।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाई जाएगी। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि आदिवासी समुदाय की विभूतियों और उनके संघर्ष के बारे में जरूर पढ़ें और उनकी कहानियों से प्रेरणा लें।
मोदी ने छठ पूजा को देश की संस्कृति, समाज और प्रकृति के बीच गहरी एकता का प्रतीक बताया और सभी से त्योहारों को मिल-जुल कर मनाने का आग्रह किया।











