रामटेक और नगरधन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता फिल्म शूटिंग के लिए उपयुक्त
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सहयोग से बजट में हुई चित्रनगरी की घोषणा
फिल्म सिटी से पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
नागपुर:महाराष्ट्र के राज्यमंत्री आशीष जयसवाल ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में एक आधुनिक चित्रनगरी (फिल्म सिटी) की स्थापना से स्थानीय कलाकारों को बड़ा मंच मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
नागपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री आशीष जयसवाल ने कहा कि विदर्भ और रामटेक का इलाका प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां की ग्रामीण संस्कृति, जलसंपदा, ऐतिहासिक गढ़-किले और समृद्ध वनसंपदा इस पूरे क्षेत्र को बेहद आकर्षक बनाती है। खास तौर पर नगरधन किला और आसपास का प्राकृतिक वातावरण फिल्म निर्माण के लिए भी बेहद उपयुक्त माना जा सकता है।
उन्होंने बताया कि देश के लगभग हर बड़े राज्य में फिल्म सिटी या चित्रनगरी मौजूद है, लेकिन विदर्भ के कलाकारों और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को अपने सपनों को साकार करने के लिए अक्सर मुंबई जाना पड़ता है। वहां जाकर अपनी पहचान बनाना कई बार बेहद मुश्किल साबित होता है।
राज्यमंत्री जयसवाल ने कहा कि इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वे लंबे समय से विदर्भ में एक समर्पित चित्रनगरी स्थापित करने की मांग कर रहे थे। उनका उद्देश्य है कि इस क्षेत्र के कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को अपने ही इलाके में काम करने के अवसर मिलें और उन्हें एक मजबूत मंच उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि इस दिशा में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सकारात्मक सहयोग दिया है और राज्य के बजट में इस परियोजना की घोषणा की गई है। जयसवाल के अनुसार, यदि विदर्भ में चित्रनगरी स्थापित होती है तो इससे न केवल फिल्म और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे और विदर्भ की कला व संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।









