नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग द्वारा नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत करीब 6.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 27 अक्टूबर को एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी और तब कुल 50.90 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। हालांकि, अलग-अलग प्रकाशित मसौदा मतदाता सूचियों में मतदाताओं की संख्या घटकर 44.40 करोड़ रह गई है।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें ‘एएसडी’ (ASD) यानी अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted) और मृत (Dead)/नाम में दोहराव की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने पहले उपलब्ध रुझानों का हवाला देते हुए कहा था कि एसआईआर की प्रक्रिया में शामिल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों का संग्रह ‘काफी कम’ रहा है।
उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया के बाद मंगलवार को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इसके मुताबिक राज्य में अब 12.55 करोड़ मतदाता हैं। आयोग ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पहले सूचीबद्ध 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ (करीब 18.70 प्रतिशत) मतदाताओं के नाम मृत्यु, स्थायी प्रवास या एकाधिक पंजीकरण के कारण मसौदा सूची में शामिल नहीं किए जा सके।










