नागपुर। मीडिया को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में भीषण जलभराव हो गया और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया। तीन स्कूलों में बचाव अभियान चलाया गया, जहां प्रशासन ने सभी छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया। कल शहर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 31 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई है। नागपुर में मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, वहीं कुछ स्थानों पर लोगों के घरों में पानी घुस गया। तीन घंटे में 120 मिमी बारिश होने से शहर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागपुर शहर का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम ने कहा कल नागपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। निचले इलाकों में पानी भर गया। जब साढ़े तीन से दो घंटे में 120 मिमी बारिश हो जाए, तो कोई भी प्रणाली इसे रोक नहीं सकती। ऐसे में उस स्थिति में क्या होगा जब एक दिन में एक महीने के बराबर बारिश हो जाए? हालांकि, बचाव दल ने बहुत अच्छा काम किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि छात्रों को स्कूल से सुरक्षित बाहर निकाला गया और नागरिकों की मदद की गई। नागपुर और पालघर में बारिश का पैटर्न खतरनाक है। कुछ ही घंटों या दिनों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा रही है। कल नागपुर में भी यही स्थिति थी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आगामी समय में भी नागपुर में भारी बारिश हो सकती है इसलिए नागपुरकर सावधान रहे। मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों में स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन कुछ इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है और राहत एवं जल निकासी अभियान जारी हैं।
इस तरह की जल निकासी व्यवस्था के लिए कोई प्रणाली नहीं बनाई
चल रहे बुनियादी ढांचागत कार्यों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि निर्माणाधीन स्थलों के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी शहरी जल निकासी प्रणाली एक घंटे के भीतर 110 मिमी बारिश को संभालने के लिए डिजाइन नहीं की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षा जल निकासी संबंधी बुनियादी ढांचे को आमतौर पर पिछले 20-25 वर्षों के वर्षा आंकड़ों के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा मार्जिन के साथ डिजाइन किया जाता है, जिससे ऐसी असाधारण घटनाओं का प्रबंधन करना कठिन हो जाता है।












