खेती वाले कई इलाकों में सूखे जैसे हालात
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। जुलाई के पहले 15 दिनों में अच्छी बारिश होने से देश में मानसून की स्थिति पहले से कुछ बेहतर हुई है। इसके बावजूद 1 जून से अब तक पूरे देश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जून के आखिर तक यह कमी 37 प्रतिशत थी, इसलिए जुलाई की बारिश से हालात में कुछ सुधार जरूर आया है। हालांकि, कई राज्यों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे खरीफ़ फसलों और खेती की चिंता बनी हुई है।
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 जून से अब तक देश में 227 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 294.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। देश के 21 मौसम क्षेत्रों में अब भी सामान्य से 20 प्रतिशत या उससे कम बारिश हुई है। 10 जुलाई के बाद मानसून की रफ्तार फिर धीमी पड़ गई, जिससे कई राज्यों में बारिश लगभग थम गई।
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 15 जुलाई के बीच देश में 123.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 128.9 मिमी होती है। यानी इस अवधि में बारिश केवल 4 प्रतिशत कम रही, जिससे पूरे मानसून सीजन की कमी कुछ कम हुई। हालांकि, 11 से 15 जुलाई के बीच मानसून कमजोर पड़ने से देशभर में बारिश सामान्य से 67 प्रतिशत कम रही। इस दौरान 28 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। वहीं देश के 17 मौसम क्षेत्रों में जुलाई के पहले पखवाड़े के दौरान बारिश की कमी बनी रही। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश हो सकती है।













