सरकार ने आदेश जारी किए, हमलों में 14 भारतीयों की मौत के बाद फैसला
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौवहन प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए) ने जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों तथा भर्ती सेवा कंपनियों को अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने का निर्देश दिया है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब इसी हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास हुए ईरानी हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद इस समुद्री मार्ग पर हमलों का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 14 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।
डीजीएमए ने एक परामर्श में कहा कि फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जहाजों के कप्तानों को उच्च स्तर की सुरक्षा सतर्कता बनाये रखना चाहिए। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी नौवहन संबंधी चेतावनियों, सुरक्षा परामर्शों और नये घटनाक्रम पर नजर रखें तथा अंतरराष्ट्रीय पोत एवं बंदरगाह सुरक्षा (आईएसपीएस) संहिता के अनुसार लागू सभी सुरक्षा उपायों को अमल में लाएं। इसमें कहा गया है, जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एवं तैनाती सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) धारक कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले आदेश तक उन जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचें, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाली यात्राएं कर रहे हैं।
यह परामर्श इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों-‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों के बाद जारी किया गया। इन दोनों जहाजों पर कुल 46 सदस्यीय चालक दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। एमटी अल बहिया पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य नाविक घायल हो गया था। एमटी मोम्बासा पर सवार नौ भारतीय नागरिक घायल हो गए थे। सरकार ने मंगलवार को डीजीएमए से कहा था कि वह फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में संचालित प्रत्येक जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक ‘डैशबोर्ड’ तैयार करे, चाहे उस जहाज पर ध्वज किसी भी देश का लगा हो।
अमेरिका ने बिजली नेटवर्क पर हमला किया तो रेड सी बंद करें हूति: ईरान
ईरान ने यमन के हूति विद्रोहियों से कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे पर हमला करता है तो वे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने के लिए तैयार रहें। रॉयटर्स ने गुरुवार को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। हूतियों के करीब एक सूत्र ने बताया कि संगठन ने रेड सी में जहाजों को निशाना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए बाब अल-मंदेब के पास, यमन के हुदैदा और अदन की खाड़ी के ऊपर स्थित पहाड़ी इलाकों में मिसाइलें और ड्रोन तैनात कर दिए गए हैं। अब वे सिर्फ हमले के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिका ने उत्तरी ईरान में हमले तेज किए
अमेरिका ने बृहस्पतिवार तड़के ईरान पर हमले तेज करते हुए उत्तरी क्षेत्र को ज्यादा निशाना बनाया। वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए तड़के पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाकर मिसाइल व ड्रोन हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले तेज हो सकते हैं। अमेरिकी बलों ने ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी के उल्लंघन की कोशिश करने के लिए एक जहाज पर गोलीबारी भी की। अमेरिका और ईरान के बीच कई दिन से जारी हमलों और जवाबी हमलों तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी गई धमतियों ने युद्ध को खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते को लगभग खत्म कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र में फिर से व्यापक युद्ध छिड़ने का खतरा बढ़ गया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।













