बारिश के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विपक्ष को जवाब
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राज्य में पिछले दो-तीन दिनों से हुई मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई सहित कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से हुई मौतों, जलभराव, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और पहली ही बारिश में मिसिंग लिंक की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने विधानसभा में सरकार को घेरा। इस पर विधानसभा नियम 293 के तहत हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में बारिश की स्थिति, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशन, मिसिंग लिंक परियोजना और भविष्य की विकास योजना पर विस्तार से जानकारी दी।
साथ ही उन्होंने अपील करते हुए कहा, मुझे बदनाम करो, लेकिन महाराष्ट्र को बदनाम मत करो, और विपक्ष तथा सोशल मीडिया पर आलोचना करने वालों पर भी जमकर निशाना साधा। घटना के बाद सोशल मीडिया पर परियोजना को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ लोगों ने यह भ्रम पैदा करने की कोशिश की कि 7 हजार करोड़ रुपये पानी में बह गए। लेकिन केवल 18 घंटों में यातायात फिर से सामान्य कर दिया गया। देवेंद्र फडणवीस को गालियां दो, इसकी मुझे आदत है। मैं गालियों से अप्रभावित हूँ। लेकिन महाराष्ट्र के विकास कार्यों को बदनाम मत करो। दस साल बाद गालियां देने वाले दिखाई नहीं देंगे, लेकिन यह मिसिंग लिंक खड़ी होगी और उस पर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नाम होंगे। महाराष्ट्र का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
चार दिनों में रिकॉर्ड बारिश; तेज हवाओं और ज्वार का दोहरा असर
मुंबईवासियों को हर साल मानसून के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस बार केवल चार दिनों में औसत से कहीं अधिक बारिश हुई। इसके साथ ही तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। इन प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए। मुंबई में हर साल औसतन पांच लोगों की पेड़ गिरने से मौत होती है। इसलिए पुराने और खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश बृहन्मुंबई महानगरपालिका को दिए गए हैं। साथ ही मुंबई में 547 पंप कार्यरत हैं। इसके अलावा छह बड़े और दस छोटे पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से बारिश का पानी तेजी से बाहर निकालने का काम जारी है। इससे कई इलाकों में पानी जल्दी उतरने में मदद मिली है, ऐसी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी।
हिम्मत थी, इसलिए मिसिंग लिंक परियोजना पूरी करके दिखाई
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक परियोजना पर हुई आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, महायुति सरकार में हिम्मत थी, इसलिए हमने यह परियोजना पूरी करके दिखाई। पिछली गठबंधन सरकार ने 14 कारण बताते हुए इस परियोजना को असंभव कहकर इसकी फाइल ही बंद कर दी थी। शुरुआत में कोंकण रेलवे परियोजना का भी विरोध हुआ था। लेकिन साहसिक फैसलों के कारण आज कोंकण रेलवे हकीकत बन चुकी है। उसी तरह मिसिंग लिंक परियोजना भी भले ही असंभव लगती थी, लेकिन विशेषज्ञों की मदद से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। मिसिंग लिंक केवल एक सड़क नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का चमत्कार है। इस परियोजना में दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग, भारत का सबसे ऊंचा केबल-स्टेड वायाडक्ट और अत्यंत प्रतिकूल मौसम में निर्मित अत्याधुनिक संरचना शामिल है।
एआई से नालों की सफाई में गड़बड़ियों का खुलासा
नालों की सफाई के काम में हर साल अनियमितताएं होने का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा, पिछले वर्ष से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग कर नालों की सफाई के कार्यों की निगरानी की जा रही है। इससे फर्जी काम और गड़बड़ियां सामने आई हैं तथा दोषी ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। मुंबई में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए 13 हजार करोड़ रुपये की विकास योजना तैयार की गई है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस योजना का कार्यान्वयन शुरू होगा। शहर के 370 जलभराव वाले हॉटस्पॉट पर विशेष उपाय किए जाएंगे ताकि बारिश का पानी तेजी से निकल सके, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया।
भूस्खलन हुआ, लेकिन पुल या सुरंग को कोई नुकसान नहीं
हाल ही में हुए भूस्खलन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चट्टान ऊपर से गिरकर पानी की मेहराब पर गिरी थी। इससे मेहराब का कुछ हिस्सा टूट गया और मिट्टी का ढेर बन गया। लेकिन केबल-स्टेड पुल में कोई दरार नहीं आई और न ही सुरंग को कोई नुकसान हुआ। आपातकालीन तंत्र ने बहुत तेजी से काम किया और सुरंग में इमरजेंसी बटन दबाने के केवल तीन मिनट के भीतर क्रेन घटनास्थल पर पहुँच गई। कई यात्रियों ने कहा कि सुरंग होने के कारण उनकी जान बच गई।












