उपराजधानी, ठाणे और रायगढ़ के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया। रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं ने मुंबई तथा पड़ोसों जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसके कारण मुंबई-पुणे मार्ग पर लंबी दूरी की रेल सेवाएं प्रभावित हुईं, रायगढ़ जिले में एक खंड पर उपनगरीय रेल सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं और सड़क पर जलभराव से यातायात भी धीमा पड़ गया। आईएमडी ने मौसम की स्थिति में बदलाव के बाद सुबह चेतावनी को ऑरेंज से रेड अलर्ट में बदल दिया। इसने इस क्षेत्र में 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रुक-रुक कर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है।
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक चल के ढहने से कई लोगों की मौत की घटना पर सोमवार को दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की। भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए अधिकारियों ने यात्रियों को सावधानी बरतने तथा यात्रा पर निकलने से पहले यातायात व ट्रेन सेवाओं से जुड़ी नवीनतम जानकारी लेने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण कर्जत-लोनावाला के भोर घाट खंड में भूस्खलन के बाद सोमवार तड़के व्यस्त मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं, मध्य रेलवे ने पड़ोसी रायगढ़ जिले में कर्जत और खोपोली के बीच लोकल ट्रेन सेवा भी रोक दी, क्योंकि भारी बारिश के कारण लोंजी और डोलवली स्टेशन के बीच पटरियों के नीचे की मिट्टी बह गई।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील नीला ने बताया कि मिट्टी बह जाने के कारण इस खंड पर रेल सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं और बहाली का काम जारी है। पश्चिम रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि पालघर जिले में वसई रोड और विरार स्टेशन के बीच जलभराव के कारण पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेन निर्धारित समय से 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही है। सूजों के अनुसार, पालघर तथा विरार-वसई रोड खंड के कुछ हिस्सों में पटरियां पूरी तरह डूब जाने के कारण रेलगाड़ियों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय का ध्यान रखने की कई स्थानों पर जलभराव के कारण मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है, जिससे कई जगह जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए एहतियातन सोमवार को मुंबई के सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया। हालांकि, सरकारी कार्यालय और निजी प्रतिष्ठान खुले रहे तथा रेल एवं सड़क यातायात में व्यवधान के बावजूद कर्मचारी काम पर पहुंचे। आईएमडी ने चेतावनी दी कि अत्यधिक भारी बारिश से निचले और शहरी इलाकों में जलभराव हो सकता है, कुछ जलक्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति और नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, और सड़कें-पुल जलमग्न हो सकते हैं। विभाग ने यह भी आगाह किया कि पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। आईएमडी ने कहा कि कोंकण तट पर समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफान की आशंका है जिससे सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाएं बाधित हो सकती हैं और पानी तथा बिजली की आपूर्ति जैसी आवश्यक नागरिक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। मौसम कार्यालय ने कहा कि तेज हवाएं और भारी बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसने बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इसने लोगों को बिजली के उपकरणों को बंद करने के।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे फिर खुला
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण बंद किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे अब दोबारा खोल दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक एक्सप्रेस-वे पर जमा पानी और लैंडस्लाइड से सड़क पर आए मलबे को पूरी तरह हटाने के बाद यातायात बहाल कर दिया गया है। इससे पहले पिछले 48 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई जगह जलभराव और भूस्खलन हुआ था। इसके चलते पुणे से मुंबई जाने वाले सभी मार्ग एहतियातन बंद कर दिए गए थे। प्रशासन ने राहत कार्य पूरा होने के बाद एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी है।
बारिश के कारण वकील अदालत नहीं पहुंच पाए तो प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किए जाएंगे
मुंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को आश्वासन दिया कि महानगर और आसपास के जिलों में हो रही भारी बारिश के कारण यदि वकील अदालत नहीं पहुंच पाते हैं, तो अनुपस्थिति की वजह से किसी भी मामले में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आईएमडी ने आगाह किया कि अत्यधिक भारी बारिश के कारण निचले और शहरी इलाकों में जलभराव तथा अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा
महाराष्ट्र में विपक्षी विधायकों ने सोमवार को मुंबई में विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया और इन्फर्नमेंट के लापता होने के नारे लगाते हुए राज्य सरकार पर भारी बारिश के बीच लोगों की सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश ने मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में जर्जर बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतेज पाटिल और विजय वडेट्टीवार, शिवसेना (उबाठा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंबादास दानवे सहित विपक्ष के अन्य सदस्यों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी बारिश के दौरान बुनियादी ढांचे के खराब प्रबंधन के कारण आम लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है।
विधायकों ने किसी का नाम लिए बिना नारे लगाते हुए दावा किया कि इन्फर्नमेंट गायब है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि बुनियादी ढांचे के खराब प्रबंधन के कारण मुंबईवासियों के जीवन को खतरे में डाल दिया गया है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण सोमवार को पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे तथा पुराने पुणे-मुंबई राजमार्ग दोनों पर यातायात निलंबित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, कंक्रीट का एक खंभा सड़क पर गिरने के बाद पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को ‘कनेक्टिंग लिंक’ और ‘मिसिंग लिंक’ खंडों के बीच बंद कर दिया गया। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ दो महीने पहले शुरू हुआ था। यह 13 किलोमीटर लंबा बाईपास है जो सह्याद्रि पहाड़ों से होकर गुजरता है। इससे यात्रा की दूरी छह किलोमीटर कम होती है और समय में 25 से 30 मिनट की बचत होती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान देना चाहिए।
वर्क फ्रॉम होम करें कर्मचारी
मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अहम एडवाइजरी जारी की है। प्राधिकरण ने निजी कंपनियों से अपील की है जहां संभव हो, कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाए ताकि अनावश्यक यात्रा से बचा जा सके। इसके साथ ही राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि गैर-जरूरी सरकारी कार्यालय सोमवार को केवल आधे दिन तक ही संचालित होंगे। लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
जलाशय से दूर रहने की भी सलाह दी। बीएमसी के अनुसार, सोमवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान मुंबई में औसत 105.24 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: 161.11 मिलीमीटर और 159.40 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसने बताया कि सोमवार अपराह्न तीन बजकर 56 मिनट पर 4.08 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है, जबकि मंगलवार तड़के चार बजकर 38 मिनट पर 3.44 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक चल के ढहने से छह लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा की। भारी बारिश के बाद रविवार रात मंडाला इलाके में यह तीन मंजिला चल ढह गई थी।












