एनडीआरएफ ने चलाया बचाव अभियान, वारकरियों से यात्रा स्थगित करने की अपील
लोकवाहिनी, संवाददाता
आलंदी। मूसलाधार बारिश के कारण इंद्रायणी नदी में आई बाढ़ से आलंदी के कई इलाके जलमग्न हो गए। इस बाढ़ की स्थिति में फंसे 408 श्रद्धालुओं को प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन दल की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, और राहत व बचाव कार्य अभी भी जारी है। वहीं आलंदी तक जाने वाले मार्ग के चारों पुल जलमग्न हो जाने के मद्देनजर पुणे ज़िला प्रशासन ने सोमवार को वारकरियों और श्रद्धालुओं से संत ज्ञानेश्वर महाराज की आगामी पालखी यात्रा में शामिल होने के लिए यहां नहीं आने की अपील की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को पुणे के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
आलंदी नगर परिषद, जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, अग्निशमन दल तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल (एनडीआरएफ) ने मिलकर यह बचाव कार्य शुरू किया। सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रबर की नावों, रस्सियों और आवश्यक बचाव सामग्री की मदद से फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक बचाव कार्य ज्ञानेश्वर मंदिर परिसर में किया गया। इस क्षेत्र से 220 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा इंद्रायणी नगरी से 100, ठाकुरबुवा मंडप क्षेत्र से 60 और गोपालपुरा इलाके से 28 श्रद्धालुओं को बाहर निकाला गया। इसके साथ ही शहर के विभिन्न निचले इलाकों में फंसे नागरिकों की भी तलाश कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है।
बाढ़ के कारण कई सड़कें पानी में डूब गई हैं और कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है। नदी किनारे रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है और आवश्यक स्थानों पर उन्हें स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बचाव दल हर क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं और जहां भी पानी का स्तर बढ़ रहा है, वहां के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मानव जीवन के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा का भी प्रशासन ने विशेष ध्यान रखा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से लगभग 150 गायों को सुरक्षित बाहर निकालकर गोशालाओं और अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।












