लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 2025 को भारत के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष बताया और कहा कि देश ने कराधान, श्रम, व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा और ग्रामीण रोजगार सहित कई क्षेत्रों में सुधारों के साथ ‘सुधार की एक्सप्रेस’ में सवार हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने सुधार की रफ्तार पकड़ ली है!
2025 में विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं, जिन्होंने हमारी विकास यात्रा को गति प्रदान की है। ये सुधार एक विकसित भारत के निर्माण के हमारे प्रयासों को भी बल देंगे। एक विस्तृत लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सुधारों को एक सतत राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाया गया है, जो पिछले 11 वर्षों की प्रगति पर आधारित है। उन्होंने लिखा, “हमने संस्थानों का आधुनिकीकरण किया, शासन को सरल बनाया और दीर्घकालिक, समावेशी विकास की नींव को मजबूत किया।”
प्रमुख उपायों में वस्तु एवं सेवा कर (GST) में परिवर्तन शामिल थे, जिसमें विवादों को कम करने और अनुपालन में सुधार लाने के लिए 5% और 18% की सरल दो-स्तरीय संरचना लागू की गई। मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत मिली क्योंकि 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को आयकर नहीं देना होगा, जबकि 1961 के पुराने आयकर अधिनियम को आयकर अधिनियम, 2025 से प्रतिस्थापित कर दिया गया है।









