नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत से पहले भारत के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है।सरकार की वार्षिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आधार पर भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। सरकार के मुताबिक, 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ भारत अब वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर पहुँच गया है। हालाँकि, इसकी अंतिम पुष्टि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा की जाएगी, जिसके आधिकारिक आंकड़े 2026 की पहली छमाही में जारी होने की उम्मीद है।
यदि मौजूदा गति बनी रहती है, तो अगले ढाई से तीन वर्षों में भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अनुमानित जीडीपी के साथ जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन सकता है।
सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था पिछले कई वर्षों से तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है और बीते एक दशक में इसका आकार लगभग दोगुना हो चुका है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही, जो पिछले छह वर्षों का उच्चतम स्तर है। वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद मजबूत घरेलू मांग ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।
वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.4 प्रतिशत पर बनी रही। सरकार ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, संस्थागत सुधार, संतुलित मौद्रिक नीति और कीमतों में स्थिरता ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अनुकूल ‘गोल्डिलॉक्स’ (Goldilocks) स्थिति तैयार की है, जहाँ विकास और महंगाई के बीच संतुलन बना हुआ है। इस वजह से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय संस्थान यह अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूती के साथ उभरेगी और वैश्विक आर्थिक मंच पर इसकी भूमिका और भी सशक्त होगी।








