नयी दिल्ली। भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान देश की टेक इंडस्ट्री ने कुल 1.48 अरब अमेरिकी डॉलर के सौदों को अंजाम दिया। रिपोर्ट के अनुसार बाजार अब सौदों की मात्रा से अधिक उनकी गुणवत्ता और मूल्य पर फोकस कर रहा है। यह बदलाव उद्योग में उच्च-स्तरीय टेक इंवेस्टमेंट के नए दौर को दर्शाता है।
ग्रांट थॉर्नटन इंडिया की डीलट्रैकर रिपोर्ट बताती है कि इस तिमाही में कुल 80 सौदे हुए, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 फीसदी अधिक हैं। खास बात यह है कि पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य वाले सौदों की संख्या में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई। वहीं सौदों के कुल मूल्य में भी अप्रैल-जून तिमाही की तुलना में पांच गुना से ज्यादा का उछाल आया है।
रिपोर्ट के अनुसार यह रुझान संकेत देता है कि देश का टेक सेक्टर मात्रा-आधारित गतिविधि से हटकर अब रणनीतिक, विषय-केंद्रित और मूल्य-आधारित निवेश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बढ़ते वैश्विक विश्वास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक तथा क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाओं को मजबूत करती है।






